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BJP और BSP के बाद सपा भी ब्राह्मणों को लुभाने की जुगत में, 12 सितंबर से करेगी प्रबुद्ध सम्मेलन

समाजवादी पार्टी की प्रबुद्ध सभा की राज्य कार्यकारिणी बैठक में पार्टी से ब्राह्मणों को जोड़ने पर चिंतन हुआ है जिसके बाद सपा प्रबुद्ध सम्मेलन की शुरुआत 12 सितंबर से करने जा रही है.

समाजवादी प्रमुख अखिलेश यादव. (फाइल फोटो) समाजवादी प्रमुख अखिलेश यादव. (फाइल फोटो)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • 12 सितंबर से औरैया से सम्मेलन की शुरुआत
  • अन्य जिलों में भी होगा सम्मेलन
  • ब्रह्मणों को लुभाने में जुटी सपा

उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव की तारीखें जैसे-जैसे नजदीक आ रही हैं, राजनीतिक दल भी वोटरों के अलग-अलग वर्ग को लुभाने के लिए अलग- अलग तरीके अपनाने में जुटे हैं.बीजेपी और बसपा के बाद अब अखिलेश यादव की पार्टी सपा भी प्रबुद्ध सम्मेलन करने की तैयारी में हैं.

समाजवादी पार्टी की प्रबुद्ध सभा की राज्य कार्यकारिणी बैठक में पार्टी से ब्राह्मणों को जोड़ने पर चिंतन हुआ है जिसके बाद सपा प्रबुद्ध सम्मेलन की शुरुआत 12 सितंबर से करने जा रही है. सूत्रों के मुताबिक, अखिलेश यादव भी सितंबर आखिर तक इस सम्मेलन का हिस्सा बन सकते हैं.

सपा प्रबुद्ध सभा के प्रदेश अध्यक्ष मनोज पांडेय ने आज तक को बताया कि पार्टी 12 सितंबर से औरैया से सम्मेलन की शुरुआत कर रही है. जिसके बाद 17 सितंबर को फतेहपुर , 18 को चित्रकूट और 19 सितंबर को बांदा में प्रबुद्ध सम्मेलन का आयोजन किया जाएगा. पांडे ने बताया कि इस का समापन बांदा में नहीं होगा बल्कि यह यात्रा अभी आगे भी जारी रहेगी.

इसपर भी क्लिक करें- यूपी चुनाव: मायावती की सत्ता में वापसी करा पाएगा बसपा का ब्राह्मण सम्मेलन?

लगातार राजनीतिक दलों द्वारा माफियाओं को पार्टी में शामिल करने को लेकर मनोज पांडे ने आज तक से कहा कि कई बार लोगों पर जबरदस्ती आपराधिक मामले दर्ज कर दिए जाते हैं. महात्मा गांधी पर भी एक वक्त पर किए गए थे पर वह हमारे लिए मसीहा थे.

उन्होंने कहा हालांकि अगर किसी के कृत्य अक्षम्य हैं और वह अपराधिक मानसिकता का है तो उसकी सपा में कोई जगह नहीं है. यूपी चुनाव में ओवैसी की एंट्री को लेकर उन्होंने कहा कि लोकतंत्र है और सबको आजादी है पर जनता इस बार सिर्फ सपा और अखिलेश के साथ है.

 

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