scorecardresearch
 

'सीता मैया का चीरहरण...', Congress प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला की फिसली जुबान, BJP ने घेरा

Congress के प्रवक्ता Randeep Surjewala की जुबान फिसल गई और अब वह BJP के निशाने पर आ गए हैं. सुरजेवाला राज्यसभा चुनाव को लेकर प्रेस कॉन्फ्रेंस कर रहे थे.

X
Congress प्रवक्ता Randeep Surjewala (फाइल फोटो) Congress प्रवक्ता Randeep Surjewala (फाइल फोटो)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • द्रौपदी की बजाए सीता बोल गए सुरजेवाला
  • कांग्रेस प्रवक्ता की फिसल गई जुबान

कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला एक विवादास्पद बयान देकर घिर गए हैं. एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान सुरजेवाला ने 'सीता मैया के चीरहरण' की बात कह दी. उनके इस बयान के बीजेपी नेताओं ने मुद्दा बना लिया है. कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला मीडिया के सामने ईडी, सीबीआई और इनकम टैक्स जैसी केंद्रीय एजेंसियों के दुरुपयोग का आरोप लगा रहे थे उसी समय उन्होंने उनकी जुबान फिसल गई है और 'द्रौपदी के चीरहरण' की बजाए 'सीता मैया का चीरहरण' कह गए.

रणदीप सुरजेवाला ने कहा, 'बीजेपी पिछले चुनावों में बुरी तरह से हारी है. लोकतंत्र, कानून और नैतिकता की विजय होगी. जैसे एक समय में 'सीता मैया का चीरहरण' हुआ था वो लोग प्रजातंत्र का करना चाहते हैं...ऐसे लोग हारेंगे और बेनकाब हो जाएंगे.' बता दें कि सुरजेवाला ये प्रेस कॉन्फ्रेंस राज्यसभा चुनाव को लेकर कर रहे थे.

दरअसल कांग्रेस प्रवक्ता महाभारत में द्रौपदी के चीरहरण की घटना का जिक्र करना चाहते थे लेकिन वो भूल से उनके मुंह से 'सीता मैया का चीरहरण' निकल गया. हाल ही में नूपुर शर्मा के बयान से चौतरफा घिरी बीजेपी को मौका मिल गया और पार्टी के नेताओं ने रणदीप सुरजेवाला को घेर लिया. पार्टी के प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने कहा ये कोई जुबान फिसलने का मामला नहीं है. उन्होंने कहा कि वो जनेऊधारी हिंदू होने का दावा करते हैं लेकिन वो 'राम संस्कृति' के बजाए 'रोम संस्कृति' पर विश्वास करते हैं.

बता दें कि 10 जून को राज्यसभा चुनाव के लिए वोट डाले जाएंगे. कांग्रेस इस समय हरियाणा और राजस्थान ्में अपने बागी विधायकों को मनाने में जुटी है. इसके साथ ही सभी को होटल में रखा गया है. हरियाणा में निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर कार्तिकेय शर्मा के मैदान में आ जाने से कांग्रेस का गणित गड़बड़ा गया है. वहीं राजस्थान में सुभाष चंद्रा की उम्मीदवारी से भी कांग्रेस को अपने नंंबर संभालने के लिए जुगत भिड़ानी पड़ रही है.

 

आजतक के नए ऐप से अपने फोन पर पाएं रियल टाइम अलर्ट और सभी खबरें डाउनलोड करें