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लखीमपुर खीरी में किसानों को नहीं कानून को रौंदा गया, बीजेपी सरकार पर अखिलेश का निशाना

अखिलेश यादव ने कहा कि सरसों बेचने वाले किसानों को अपनी कीमत तक नहीं मिलती लेकिन जब तेल खरीदते हो तो देखते हो कि इसकी कीमत कितनी ज्यादा बढ़ गई है. वहीं बिजली के मीटर घरों में लगाकर इसकी कीमत भी बढ़ा दी. लोगों को अपनी जेबें ज्यादा ढीली करनी पड़ रही हैं. लेकिन सरकार चुनाव से पहले 500 रुपये देकर लोगों को धोखा देती है. 

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योगी सरकार पर अखिलेश यादव का निशाना (फाइल फोटो) योगी सरकार पर अखिलेश यादव का निशाना (फाइल फोटो)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • महंगाई को लेकर बीजेपी सरकार पर निशाना
  • लखीमपुर में किसानों को टायर के नीचे कुचला गया
  • किसानों को फसलों के नहीं मिल रहे हैं दाम

उत्तर प्रदेश के पूर्व सीएम और समाजवादी पार्टी (सपा) अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सीएम योगी पर निशाना साधते हुए कहा कि जिन्होंने गीता पढ़ी होगी, वो जानते हैं कि योगी उन्हें कहा जाता है. जो दूसरों का दुख अपना दुख समझे. जिन्होंने गुरुनानक को पढ़ा होगा वह भी जानते होंगे कि माया के बीच में रहकर भी जो माया से दूर रहे वही योगी होता है. अभी गद्दी पर जो बैठा है, उनके लोगों ने किसानों को गाड़ी से कुचल दिया. लखीमपुर खीरी में गाड़ी के टायर के नीचे किसानों को रौंदा गया. यहां सिर्फ किसानों को नहीं रौंदा गया बल्कि कानून को कुचलने की भी तैयारी थी. जो लोग किसान को कुचल सकते हैं, कानून को कुचल सकते हैं, उन्हें संविधान को कुचलने में कितना समय लगेगा? इसलिए हमें तय करना होगा कि हमें कैसा समाज और देश बनाना है. 

उन्होंने बीजेपी सरकार पर हमला तेज करते हुए कहा कि किसान हमारा पेट भरता है, वह अन्नदाता होता है. लेकिन इन किसानों के बारे में क्या क्या नहीं कहा जा रहा है. इन्हें गुंडा मवाली कहा गया. कितनी बार इन्हें अपमानित किया गया. लेकिन मैं किसान भाइयों को बधाई देता हूं कि उन्होंने अपमान का घूंट बर्दाश्त कर लिया लेकिन वो संघर्ष के पथ से नहीं उतरे. उन्होंने ठान लिया है कि जब तक तीन कानून वापस नहीं होगें तक बैठे रहेंगे. यही हमारी लोकतंत्र की ताकत है कि हम गद्दी पर भी बिठाना जानते हैं, अपने अधिकारों के लिए लड़ना भी जानते हैं और गद्दी से उतारना भी जानते हैं. 

उन्होंने वहां मौजूद लोगों से सवाल करते हुए कहा कि सभी किसान भाइयों से वादा किया गया था कि उनकी आय दोगुनी हो जाएगी. पिछले साल भी यही बात दोहरायी गई थी. लेकिन यहां मौजूद किसान भाइयों और उनके बेटों आज जरा हिसाब किताब लगाओ कि आमदनी को लेकर आपलोग कहां खड़े हो. कौन सी चीज महंगी नहीं हो गई है. अभी तो हमने गन्ने का हिसाब भी नहीं मांगा है. अब भी किसानों के गन्ने का बकाया राशि नहीं मिली है. पिछले साल के बकाये नहीं मिले हैं, गन्ने अब भी खेतों में खड़े हैं. क्योंकि इन इलाकों में धान की खेती नहीं होती है. लेकिन जिस इलाके में किसानों को कुचला गया वहां धान की खेती होती है. क्या सरकार ने वहां पर धान की कीमत तय कर दी है. हमारा किसान 1000 रुपये क्विंटल के भाव से धान नहीं बेच पा रहा है. 

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उन्होंने आगे कहा कि सहारनपुर वाले जानते होंगे कि पेट्रोल 100 रुपये के पार चला गया है और अगर यही सरकार बनी रही तो पेट्रोल-डीजल के दाम कभी भी नीचे नहीं जाएंगे, बल्कि आसमान को छूती महंगाई दिखेगी. उन्होंने कहा कि किसान भाई कीटनाशक खरीदते हैं, खाद खरीदते हैं. आप बताओ कि बोरी से खाद की चोरी हुई कि नहीं. एक तरफ इसकी कीमत बढ़ा दी गई है वहीं दूसरी तरफ इसका वजन भी कम कर दिया गया है. सरसों बेचने वाले किसानों को अपनी कीमत तक नहीं मिलती लेकिन जब तेल खरीदते हो तो देखते हो कि इसकी कीमत कितनी ज्यादा बढ़ गई है. वहीं बिजली के मीटर घरों में लगाकर इसकी कीमत भी बढ़ा दी. लोगों को अपनी जेबें ज्यादा ढीली करनी पड़ रही हैं. लेकिन सरकार चुनाव से पहले 500 रुपये देकर लोगों को धोखा देती है. 

बता दें, उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में अखिलेश यादव एक कार्यक्रम में पहुंचे थे. यह कार्यक्रम प्रदेश के पूर्व कैबिनेट मंत्री और सपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रहे स्वर्गीय चौधरी यशपाल सिंह की 100 जयंती पर आयोजित किया गया था. 

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