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लोकतंत्र की दुहाई देने वाली ममता के प्रदेश में ही विरोध की इजाजत नहीं: रविशंकर प्रसाद

रविशंकर प्रसाद ने कहा कि ममता बनर्जी इनदिनों बात-बात में लोकतंत्र की दुहाई देती हैं, लेकिन उनके प्रदेश में लोगों को विरोध करने का अधिकार नहीं है.

सीएम ममता पर रविशंकर प्रसाद का निशाना (फोटो- पीटीआई) सीएम ममता पर रविशंकर प्रसाद का निशाना (फोटो- पीटीआई)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • कोलकाता में बीजेपी कार्यकर्ताओं का विरोध प्रदर्शन
  • पश्चिम बंगाल पुलिस ने किया लाठीचार्ज, कई घायल
  • रविशंकर प्रसाद ने सीएम ममता पर साधा निशाना

केंद्रीय कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने पश्चिम बंगाल में बीजेपी कार्यकर्ताओं की हत्या को लेकर प्रदेश की ममता सरकार पर निशाना साधा है. उन्होंने कहा कि राज्य में 100 से ज्यादा पार्टी कार्यकर्ताओं की हत्या हो चुकी है. कुछ दिनों पहले बीजेपी के काउंसलर मनीष शुक्ला की हत्या कर दी गई. इस हत्या के विरोध में बीजेपी के एक लाख से ज्यादा कार्यकर्ताओं ने सचिवालय की तरफ मार्च किया था. पुलिसिया कार्रवाई में हमारे 1500 से ज्यादा कार्यकर्ता घायल हुए. भाजपा के राष्ट्रीय सचिव अरविंद मेनन को भी चोटें आई हैं. 

उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी इन दिनों बात-बात में लोकतंत्र की दुहाई देती हैं, लेकिन उनके प्रदेश में लोगों को विरोध करने का अधिकार नहीं है. यहां पर विरोध करने वालों की हत्या हो जाती है. आपकी जमीन खिसक रही है. लोकसभा चुनाव में बीजेपी को 18 सीटें मिली. इसलिए आप परेशान हैं.     

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि जब अमित शाह बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष थे तो उनके हेलीकॉप्टर को प्रदेश में उतारने नहीं दिया गया था. पीएम मोदी के रैली स्थल को बदल दिया गया. गुरुवार को एक बार फिर से जिस तरह बीजेपी कार्यकर्ताओं के खिलाफ बर्बरतापूर्ण कार्रवाई हुई है, उसकी मैं भर्त्सना करता हूं. सीएम ममता क्या समझती हैं कि वो लाठी और पुलिस की बर्बरतापूर्ण कार्रवाई से बंगाल में बीजेपी के विस्तार को रोक लेंगी, तो ऐसा नहीं होगा. 

रविशंकर प्रसाद ने कहा कि बंगाल की जनता बदलाव चाहती है. दिल्ली में "सेल्फ अपॉइंटमेंट लिबरल" बहुत हैं. बीजेपी शासित राज्य के मुद्दे पर हंगामा लेकिन बंगाल में पुलिस की बर्बरता पर चुप्पी क्यों है. 
 
बता दें, पश्चिम बंगाल में भारतीय जनता पार्टी, अपने कार्यकर्ताओं की कथित हत्या के खिलाफ गुरुवार को सड़क पर उतरी. राजधानी कोलकाता में जगह-जगह प्रदर्शन किए गए. इस वजह से विद्यासागर सेतु और हावड़ा ब्रिज को पूरी तरह से बंद कर दिया गया. जिसके बाद प्रदर्शन कर रहे बीजेपी कार्यकर्ताओं को तितर-बितर करने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज किया. इसके साथ ही वाटर कैनन का भी इस्तेमाल किया गया. 

दरअसल, पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोकने की कोशिश की. उन्होंने ऐलान किया कि कार्यकर्ता इकट्ठा ना होएं. इसके बाद कुछ कार्यकर्ताओं ने पत्थरबाजी शुरू कर दी. जवाब में पुलिस ने लाठीचार्ज किया और वाटर कैनन का इस्तेमाल किया है. जिसमें कई बीजेपी नेता घायल हुए हैं.

गौरतलब है कि बीजेपी के प्रदर्शन को देखते हुए पश्चिम बंगाल सरकार ने सचिवालय नाबन्ना को दो दिनों के लिए बंद करने का फैसला किया है. हावड़ा स्थित इस सचिवालय में 8 अक्टूबर और 9 अक्टूबर को सैनिटाइजेशन होना है. इस वजह से दो दिनों के लिए यहां कामकाज बंद रहेगा. 

बीजेपी के प्रदर्शन से निपटने के लिए राज्य प्रशासन ने व्यापक इंतजाम किए है. नाबन्ना के आसपास वैसे ही धारा-144 लागू रहती है, लेकिन बीजेपी के प्रदर्शन को देखते हुए प्रशासन और भी सतर्क हो गया हो. बीजेपी की रैली सचिवालय तक न पहुंच पाए इसके लिए नाबन्ना की ओर आ रहे रास्तों पर 5 डीआईजी स्तर के अधिकारी तैनात किए गए हैं.

 

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