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राष्ट्रपति चुनाव: क्या द्रौपदी मुर्मू को रामनाथ कोविंद से ज्यादा वोट मिलेंगे? इस बार काफी बदल गया गणित

राष्ट्रपति चुनाव में एनडीए की ओर से द्रौपदी मुर्मू उम्मीदवार हैं तो विपक्षी खेमे से यशवंत सिन्हा चुनाव लड़ रहे हैं. एनडीए अपने वोटों के दम पर मुर्मू को जिताने की ताकत में नहीं है, लेकिन जिस तरह से विपक्षी खेमे से एक के बाद एक दल का समर्थन मुर्मू को मिल रहा है उससे समीकरण बदल रहे हैं. ऐसे में सारा सियासी गणित बदल गया है और अब देखना है कि मुर्मू क्या रामनाथ कोविंद से ज्यादा वोटों से जीत हासिल कर पाएंगी?

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रामनाथ कोविंद, द्रौपदी मुर्मू, हेमंत सोरेन रामनाथ कोविंद, द्रौपदी मुर्मू, हेमंत सोरेन
स्टोरी हाइलाइट्स
  • द्रौपदी मुर्मू कोे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला
  • कोविंद 66 फीसदी वोट लेकर देश के राष्ट्रपति बने थे
  • मुर्मू क्या रामनाथ कोविंद से ज्यादा वोट जुटा पाएंगी?

राष्ट्रपति चुनाव को लेकर सत्तापक्ष और विपक्ष आमने-सामने है. बीजेपी के अगुवाई वाले एनडीए की ओर से झारखंड की पूर्व राज्यपाल द्रौपदी मुर्मू मैदान में हैं तो विपक्ष की ओर से यशवंत सिन्हा किस्मत आजमा रहे हैं. राष्ट्रपति चुनाव में आदिवासी महिला को एनडीए ने उतारकर क्षेत्रीय दलों को पसोपेश की स्थिति में डाला ही नहीं बल्कि कई दलों का तो समर्थन भी जुटा लिया है. ऐसे में मुर्मू के समर्थन में जिस तरह से कई विपक्षी दल आए हैं, उस हिसाब से क्या वो राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद से ज्याद वोट हासिल कर लेंगी? 

बता दें कि राष्ट्रपति चुनाव 2022 के लिए मतदाताओं के वोट की कुल वैल्यू 10,86,431 है. इस तरह राष्ट्रपति चुनाव में जीत के लिए आधे से एक वोट ज्यादा की जरूरत होगी, जिसके लिहाज से कम से कम 5,43,216 वोट चाहिए होंगे. राष्ट्रपति चुनाव में बीजेपी के अगुवाई वाले एनडीए के पास 5.26 लाख वोट हैं, जिनमें बीजेपी के साथ जेडीयू, एआईएडीएमके, अपना दल (एस), एलजेपी, एनपीपी, निषाद पार्टी, एनपीएफ और एमएनएफ छोटे दल शामिल हैं.

द्रौपदी मुर्मू को मिल रहा विपक्ष का समर्थन 

मौजूदा आंकड़ों के लिहाज से एनडीए को अपने राष्ट्रपति उम्मीदवार को जीत दिलाने के लिए 13 हजार अतिरक्त वोटों की जरूरत है. एनडीए से द्रौपदी मुर्मू का नाम सामने आने के बाद विपक्षी खेमे से जिस तरह से एक के बाद एक दल का समर्थन मिल रहा है, उससे उनका पलड़ा भारी होता जा रहा है. बसपा प्रमुख मायावती से लेकर बीजेडी के प्रमुख और ओडिशा के सीएम नवीन पटनायक, जेएमएम के कार्यकारी अध्यक्ष व झारखंड के सीएम हेमत सोरेन, वाईएसआर कांग्रेस ने राष्ट्रपति चुनाव में द्रौपदी मुर्मू को समर्थन देने का ऐलान किया है.  

राष्ट्रपति चुनाव में बीजेडी के पास 31 हजार से ज्यादा वैल्यू वाले वोट हैं और वाईएसआरसीपी के पास 43,000 से ज्यादा वैल्यू वाले वोट हैं. इसके अलावा जेएमएम की कुल वोट वैल्यू 6680 है. बसपा के पास यूपी-कर्नाटक में 1-1 विधायक, छत्तीसगढ़ में दो विधायक हैं, 10 लोकसभा और एक राज्यसभा सदस्य हैं. इस तरह से बसपा के पास 8238 वोट वैल्यू है. इसके अलावा भी कई छोटे दलों ने एनडीए उम्मीदवार के पक्ष में अपना समर्थन दिया है. 

आम आदमी पार्टी ने राष्ट्रपति चुनाव के लिए अभी तक अपने पत्ते नहीं खोले हैं. इसके बावजूद एनडीए की उम्मीदवार द्रौपदी मुर्मू के पक्ष में फिलहाल 6.14 लाख वोट जाते नजर आ रहे हैं. इस तरह एनडीए उम्मदीवार के पक्ष में फिलहाल 60 फीसदी से ज्यादा वोट मिलते दिख रहे हैं. हालांकि, राष्ट्रपति चुनाव वोटिंग में अभी 20 दिन बाकी है. ऐसे में एनडीए और द्रौपदी मुर्मू की ओर से विपक्षी दलों से समर्थन मांगा जा रहा है ताकि 2017 में जिस तरह से रामनाथ कोविंद को राष्ट्रपति चुनाव में बड़ी मार्जिन के साथ जीत दिलाई गई थी, वैसे ही अब भी किया जा सके.

बता दें कि 2017 के राष्ट्रपति चुनाव में बीजेपी गठबंधन ने बिहार के तत्कालीन राज्यपाल और दलित चेहरे रामनाथ कोविंद को राष्ट्रपति पद का प्रत्याशी बनाया तो विपक्ष ने मीरा कुमार को मैदान में उतारा था. राष्ट्रपति चुनाव में 10,98,903 मूल्य के वोटों में से रामनाथ कोविंद को 7,02,044 मत मिले थे जबकि मीरा कुमार को 3,67,314 मत मिले थे. इस तरह रामनाथ कोविंद 66 फीसदी वोट के साथ देश के सर्वोच्च पद पर विराजामान हुए थे. वहीं विपक्ष की उम्मीदवार मीरा कुमार को 34 फीसदी वोट के साथ संतोष करना पड़ा था. ऐसे में देखना है कि इस बार एनडीए की उम्मीदवार द्रौपदी मुर्मू कितने फीसदी वोटों के साथ राष्ट्रपति चुनाव फतह करती हैं? 

 

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