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Winter Session: लखीमपुर खीरी मामले पर डटा हुआ है विपक्ष, आज भी निकाला मार्च

मंगलवार को विपक्ष के नेताओं के बीच रणनीतिक बैठक हुई, जिसके बाद लखीमपुर खीरी मामले पर, गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा टेनी को निलंबित करने की मांग को लेकर संसद में गांधी प्रतिमा से विजय चौक तक मार्च किया. 

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संसद में गांधी प्रतिमा से विजय चौक तक किया मार्च
संसद में गांधी प्रतिमा से विजय चौक तक किया मार्च
स्टोरी हाइलाइट्स
  • प्रधानमंत्री इस मामले पर कुछ नहीं करते- राहुल गांधी
  • आम जनता के खिलाफ जो किया जा रहा है, हम उसको बर्दाश्त नहीं करेंगे

राज्यसभा में मंगलवार को विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे के नेतृत्व में विपक्ष के नेताओं के बीच रणनीतिक बैठक हुई. इस बैठक में राज्यसभा सदस्यों के निलंबन को रद्द करने, लखीमपुर खीरी मुद्दे में गृह राज्यमंत्री के इस्तीफे की मांग और शेष सत्र के लिए दोनों सदनों में कामकाज के संचालन पर आगे की रणनीति पर चर्चा की गई. इसके बाद विपक्ष ने लखीमपुर खीरी मामले पर, गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा टेनी को निलंबित करने की मांग को लेकर संसद में गांधी प्रतिमा से विजय चौक तक मार्च किया. 

इस दौरान, कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने कहा, 'विपक्ष एक बार फिर लखीमपुर खीरी की घटना को उठा रहा है. एक मंत्री के बेटे ने किसानों की हत्या की है, रिपोर्ट में इसे साजिश बताया गया है. प्रधानमंत्री इस मामले पर कुछ नहीं करते. वे किसानों से माफी मांगते हैं, लेकिन मंत्री को नहीं हटा रहे हैं. उन्होंने कहा कि न मीडिया अपना काम कर रही है और न सरकार अपना. उन्होंने आगे कहा कि हिंदुस्तान के खिलाफ, आम जनता के खिलाफ जो किया जा रहा है, हम उसको बर्दाश्त नहीं करेंगे. 

 

शिवसेना सांसद संजय राउत ने कहा कि लखीमपुर खीरी पर लड़ाई चलती रहेगी. मैं राहुल जी का और प्रियंका जी का धन्यवाद करता हूं कि अगर वे रात को वहां नहीं पहुंचे होते, तो लखीमपुर का मामला उसी रात को रफ़ा-दफ़ा कर दिया गया होता. उन्होंने कहा कि हम राहुल गांधी और प्रियंका गांधी का शुक्रिया अदा करते हैं कि उन्होंने लखीमपुर खीरी का मामला उठाया. गृह मंत्री अमित शाह महाराष्ट्र में सरकार पर सवाल उठाते हैं, लेकिन सरकार कैबिनेट में शामिल अजय मिश्र टेनी को बर्खास्त नहीं करती. एनसीपी की फोजिया खान ने कहा कि सरकार से हमारा सवाल है कि अपने मंत्री को कब हटाओगे, अब तो एसआईटी की रिपोर्ट भी आ गई है.

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टीएमसी सांसद डोला सेन ने कहा कि 750 किसानों की मौत शर्म की बात है. किसानों को गाड़ी से कुचल कर मारा गया. हमें इस बात का बहुत दुख है. एसआईटी की रिपोर्ट के बाद पूरा विपक्ष चाहता है कि गृह राज्य मंत्री अजय मिश्र टेनी को इस्तीफा देना चाहिए. उन्हें और भी सजा देने की जरूरत है. डोला सेन ने प्रधानमंत्री पर भी आरोप लगाते हुए कहा कि प्रधानमंत्री हर दिन सदन की गरिमा को कम कर रहे हैं. कृषि कानूनों को निरस्त करने और डीमोनिटाइज़ेशन पर एकतरफा घोषणाएं की गईं. इन मामलों पर सदनों में विचार नहीं किया गया. 10 मिनट में बिल पास हो जाते हैं. जब वे हमें बोलने का मौका नहीं देते, तो हम चिल्लाते हैं, नारे लगाते हैं.


 

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