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'हाथ' का दामन थामते हुए बोले कन्हैया कुमार- कांग्रेस नहीं बची, तो देश नहीं बचेगा

झटकों के बीच कांग्रेस को आज दो युवा नेता मिल गए. कन्हैया कुमार और जिग्नेश मेवाणी ने राहुल गांधी की उपस्थिति में कांग्रेस का दामन थाम लिया. दोनों के स्वागत के लिए पार्टी दफ्तर में पोस्टर भी लगाए गए थे.

राहुल गांधी की उपस्थिति में कांग्रेस में शामिल हुए कन्हैया और जिग्नेश (फोटो-ट्विटर) राहुल गांधी की उपस्थिति में कांग्रेस में शामिल हुए कन्हैया और जिग्नेश (फोटो-ट्विटर)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी पहले शहीद भगत सिंह पार्क पहुंचे
  • राहुल की उपस्थिति में कांग्रेस से जुड़े कन्हैया और जिग्नेश
  • देश को भगत सिंह के साहत की जरूरतः कन्हैया

कांग्रेस पार्टी को आज मंगलवार को दो युवा नेता मिल गए. बिहार से आने वाले लेफ्ट नेता कन्हैया कुमार और गुजरात के विधायक जिग्नेश मेवाणी ने राहुल गांधी की उपस्थिति में कांग्रेस का दामन थाम लिया. कांग्रेस में शामिल होने पर अपनी पहली पीसी में कन्हैया कुमार ने कहा कि देश की सबसे लोकतांत्रिक पार्टी कांग्रेस में शामिल हुआ हूं. कांग्रेस नहीं बची, तो देश नहीं बचेगा. हालांकि जिग्नेश ने औपचारिक तौर पर पार्टी की सदस्यतता नहीं ली है.

उन्होंने कहा, 'मुझे महसूस होता है कि इस देश में कुछ लोग, वो सिर्फ लोग नहीं है, वो एक सोच है. देश की चिंतन परंपरा, संस्कृति, मूल्स, इतिहास, वर्तमान और भविष्य खराब करने की कोशिश कर रहे हैं. मैंने कहीं पढ़ा था कि आप अपने दुश्मन का चुनाव कीजिए, दोस्त अपने आप बन जाएंगे. तो मैंने चुनाव किया है. लोकतांत्रिक पार्टी में हम इसलिए शामिल होना चाहते हैं क्योंकि अब लगने लगा है कि अगर कांग्रेस नहीं बचा तो देश नहीं बचेगा.'

उन्होंने कहा कि आज इस देश को भगत सिंह के साहत की जरूरत है. अंबेडकर की समानता की जरूरत है और गांधी की एकता की जरूरत है. 

औपचारिक तौर पर कांग्रेस से क्यों नहीं जुड़े जिग्नेश

वहीं, गुजरात से विधायक जिग्नेश मेवाणी ने कहा कि जो कहानी गुजरात से शुरू हुई, उसने 6-7 साल में जो उत्पात मचाया है, वो आप सबके सामने है. हमारे संविधान पर हमला है. हमारे आइडिया ऑफ इंडिया पर हमला है. लोकतंत्र पर हमला है. उन्होंने कहा कि नफरत सोची-समझी साजिश के तहत नागपुर और दिल्ली से फैला रहे हैं  कुछ भी करके इस मुल्क के संविधान, लोकतंत्र और आइडिया ऑफ इंडिया को बचाना है और इसके लिए मुझे उसके साथ खड़ा होना है जिसने अंग्रेजों को खदेड़ कर दिखाया है. इसलिए मैं आज कांग्रेस के साथ खड़ा हूं.

हालांकि जिग्नेश ने कहा, 'मैं एक निर्दलीय विधायक हूं, इसलिए औपचारिक रूप से कांग्रेस ज्वॉइन नहीं कर सकता. लेकिन 2022 के चुनाव में कांग्रेस के सिंबल पर ही लड़ूंगा.'  

दो युवा नेताओं के कांग्रेस में शामिल कराए जाने से पहले पार्टी के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी शहीद भगत सिंह पार्क में पहुंचे और वहां शहीद भगत सिंह की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया तथा वहां उपस्थित कार्यकर्ताओं से संपर्क किया.

कन्हैया कुमार के लंबे वक्त से कांग्रेस में शामिल होने की अटकलें लगाई जा रही थीं, लेकिन अब जाकर आधिकारिक तौर पर ये ज्वाइनिंग हो रही है. कन्हैया कुमार और जिग्नेश मेवाणी के स्वागत के लिए दिल्ली में कांग्रेस पार्टी के दफ्तर के बाहर पोस्टर भी लगाए गए हैं, जिनमें कांग्रेस सांसद राहुल गांधी की भी तस्वीर है. 

आपको बता दें कि कन्हैया कुमार लेफ्ट पार्टी की ओर से लोकसभा चुनाव लड़ चुके हैं और हार भी चुके हैं. वहीं अगर जिग्नेश मेवाणी की बात करें तो वो गुजरात से निर्दलीय विधायक हैं. 

मनीष तिवारी ने उठाए सवाल

हालांकि कांग्रेस के सांसद और वरिष्ठ नेता मनीष तिवारी ने कन्हैया कुमार की एंट्री पर सवाल खड़े किए हैं. मनीष तिवारी ने ट्वीट कर लिखा कि कुछ कम्युनिस्ट नेताओं के कांग्रेस में आने की अटकलें चल रही हैं. ऐसे में 1973 में छपी ‘कम्युनिस्ट इन कांग्रेस’ पढ़ी जानी चाहिए, चीज़ें जितनी बदलती हैं उतनी ही समान लगती हैं.  

कांग्रेस पर भड़की भाजपा

भारतीय जनता पार्टी ने कन्हैया और जिग्नेश की एंट्री के बहाने कांग्रेस पर निशाना साधा. बीजेपी नेता अमित मालवीय ने ट्वीट कर लिखा कि सर्जिकल स्ट्राइक की एनिवर्सिरी पर कांग्रेस ‘भारत तेरे टुकड़े होंगे’ वाले कांग्रेस कन्हैया कुमार और जिग्नेश मेवाणी को स्वीकार कर रही है. ये कोई संयोग नहीं है, भारत के करने वालों के साथ हाथ मिलाना कांग्रेस की आदत है. 

 

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