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ज्ञानवापी विवाद: चिदंबरम बोले- धार्मिक स्थलों पर बनी रहे यथास्थिति, नरसिम्हा राव ने सोच कर लाया था पूजा स्थल कानून

उदयपुर में चल रहे कांग्रेस के चिंतन शिविर में पूर्व गृह मंत्री पी चिंदबरम ने कहा कि 1991 में तत्कालीन प्रधानमंत्री नरसिम्हा राव ने बेहद सोच विचार के बाद पूजा स्थल कानून लाया था. ज्ञानवापी विवाद के संदर्भ में उन्होंने कहा कि वहां पर यथास्थिति कायम रखी जानी चाहिए.

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उदयपुर में पत्रकारों से बात करते पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम (फोटो- पीटीआई) उदयपुर में पत्रकारों से बात करते पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम (फोटो- पीटीआई)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • उदयपुर में चल रहा है कांग्रेस का चिंतन शिविर
  • पी चिदंबरम ने कई मुद्दों पर दी राय
  • धार्मिक स्थलों पर कायम रहे यथास्थिति

राजस्थान में चल रहे कांग्रेस चिंतन शिविर में कांग्रेस नेता पी चिदंबरम ने ज्ञानवापी मस्जिद विवाद पर प्रतिक्रिया दी है. पूर्व गृह मंत्री पी चिदंबरम ने कहा कि नरसिम्हा राव सरकार ने गहन सोच विचार के बाद पूजा स्थल कानून 1991 (Places of worship act 1991) बनाया है. उस कानून में एक मात्र अपवाद राम जन्मभूमि मंदिर है.  उन्होंने कहा कि उनका मानना है कि देश में जितने भी धर्मस्थल हैं वहां पर यथास्थिति बरकरार रहनी चाहिए. 

पी चिदंबरम ने कहा कि किसी भी पूजा स्थल की स्थिति को बदलने का कोई प्रयास नहीं किया जाना चाहिए. उन्होंने कहा कि अगर कभी किसी धार्मिक स्थल की स्थिति बदलने की कोशिश की जाती है तो इससे बहुत बड़ा विवाद पैदा हो जाएगा. ऐसे विवादों को दूर करने के लिए ही नरसिम्हा राव पूजा स्थल कानून लेकर आए. 

बता दें कि 1991 में तत्कालीन पीएम पीवी नरसिम्हा राव की सरकार पूजा स्थल कानून लेकर आई थी. इस कानून के अनुसार 15 अगस्त 1947 से पहले अस्तित्व में आए किसी भी धर्म के पूजा स्थल की स्थिति में बदलाव नहीं किया जा सकता है. 

 जीएसटी नुकसान की भरपाई का समय बढ़े

पूर्व वित्त मंत्री ने उदयपुर में आयोजित नव संकल्प शिविर में जीएसटी नुकसान की भरपाई का समय 3 साल बढ़ाये जाने की मांग की है. पीएम चिदंबरम ने कहा, "31 मार्च, 2022 तक केंद्र सरकार से राज्य सरकारों को 78,704 करोड़ रुपये का भुगतान लंबित है. मई का आधा महीना गुजर चुका है और इस रकम का भुगतान नहीं किया गया है और नुकसान भरपाई का समय 30 जून 2022 तक खत्म हो जाएगा. " उन्होंने कहा कि मुझे लगता है कि ये सभी राज्यों की एकमत से मांग है कि क्षतिपूर्ति भुगतान का समय बढ़ा दिया जाना चाहिए और बकाया राशि का भुगतान किया जाना चाहिए. 

केंद्र और राज्यों के बीच विश्वास की कमी

पेट्रोल और डीजल की कीमतों को जीएसटी के दायरे में लाने के सवाल पर वित्त मंत्री ने कहा कि राज्यों और केंद्र के बीच विश्वास की पूरी कमी है. यहां तक कि बीजेपी शासित राज्यों और केंद्र के बीच भी विश्वास की कमी है. पी चिदंबरम के अनुसार जीएसटी काउंसिल में शामिल बीजेपी शासित राज्यों के वित्त मंत्रियों ने भी केंद्र के साथ विश्वास में कमी दिखाई है. उन्होंने कहा कि मौजूदा स्थिति में ऐसा नहीं लगता है कि ये सरकार पेट्रोल-डीजल को जीएसटी में लाने के लिए राज्यों के साथ कोई पहल करेगी. 

 2004 में कांग्रेस ने बीजेपी के चुनावी अभियान का मुख्य फोकस रहे India shining को शिकस्त दे दी थी और कांग्रेस पार्टी फिर से ऐसा कर सकती है. 

पी चिदंबरम ने कश्मीरी पंडित राहुल भट्ट की हत्या पर गहरा शोक जताया. उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी किसी भी तरह की हत्या और हिंसा की निंदा करती है. कश्मीर में कुछ वास्तविक मुद्दे हैं जिनका समाधान होना चाहिए. इन समस्याओं का समाधान संवाद के जरिए ही हो सकता है. ये संवाद सरकार और जम्मू-कश्मीर के लोगों के बीच होना चाहिए. 
 

 

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