भारतीय जनता पार्टी के नए राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन बनने जा रहे हैं, क्योंकि पार्टी अध्यक्ष के लिए सिर्फ एक नामांकन भरा गया है. उनका निर्विरोध चुना जाना तय है. नितिन नबीन के जरिए अब बीजेपी का पूरी तरह फोकस भविष्य की लीडरशिप खड़े करने पर है. वो बीजेपी के 12वें और पार्टी के सबसे युवा अध्यक्ष होंगे. उनका कार्यकाल तीन साल के लिए होगा.
6 अप्रैल 1980 को भारतीय जनता पार्टी की बुनियाद रखी गई. इस तरह बीजेपी गठन के 45 साल हो गए हैं. बीजेपी के सियासी इतिहास में अटल बिहारी वाजपेयी से लेकर लाल कृष्ण आडवाणी और मुरली मनोहर जोशी जैसे नेता पार्टी की कमान संभाल चुके हैं, लेकिन सबसे कम उम्र के अध्यक्ष की बात है तो नितिन नबीन हैं.
बीजेपी के 45 साल के राजनीतिक सफर में सबसे पहली पार्टी की कमान अटल बिहारी वाजपेयी ने संभाली और अब नितिन नबीन के हाथों में संगठन की कमान सौंपी गई है. ऐसे में सवाल उठता है कि बीजेपी में कब पार्टी का कौन नेता अध्यक्ष बना और कितनी उम्र में संगठन की कमान संभाली...
अटल बिहारी वाजपेयी
कार्यकाल: 1980 – 1986 किस उम्र में बने अध्यक्ष: 55 वर्ष
(पहली बार)
कार्यकाल: 1986 – 1991 किस उम्र में बने अध्यक्ष: 58 वर्ष
(दूसरी बार)
कार्यकाल: 1993 – 1998 किस उम्र में बने अध्यक्ष: 65 वर्ष
(तीसरी बार)
कार्यकाल: 2004 – 2005 किस उम्र में बने अध्यक्ष: 77 वर्ष
मुरली मनोहर जोशी
कार्यकाल: 1991 – 1993 किस उम्र में बने अध्यक्ष: 57 वर्ष
कुशाभाऊ ठाकरे
कार्यकाल: 1998 – 2000 किस उम्र में बने अध्यक्ष: 75 वर्ष
बंगारू लक्ष्मण
कार्यकाल: 2000 – 2001 किस उम्र में बने अध्यक्ष: 61 वर्ष
जना कृष्णमूर्ति
कार्यकाल: 2001 – 2002 किस उम्र में बने अध्यक्ष: 72 वर्ष
एम. वेंकैया नायडू
कार्यकाल: 2002 – 2004 किस उम्र में बने अध्यक्ष: 53 वर्ष
राजनाथ सिंह
(पहली बार)
कार्यकाल: 2005 – 2009 किस उम्र में बने अध्यक्ष: 54 वर्ष
(दूसरी बार)
कार्यकाल: 2013 – 2014 किस उम्र में बने अध्यक्ष: 61 वर्ष
नितिन गडकरी
कार्यकाल: 2009 – 2013 किस उम्र में बने अध्यक्ष: 52 वर्ष
अमित शाह
कार्यकाल: 2014 – 2020 किस उम्र में बने अध्यक्ष: 49 वर्ष
जे.पी. नड्डा
कार्यकाल: 2020 – 2024 किस उम्र में बने अध्यक्ष: 59 वर्ष
नितिन नबीन
कार्यकाल: 2025 – किस उम्र में बने अध्यक्ष: 45 वर्ष
लोकसभा चुनाव 2024 के बाद ही भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा का कार्यकाल समाप्त हो गया था. ऐसे में जेपी नड्डा के विकल्प के रूप में नितिन नबीन को चुना गया. बीजेपी ने नितिन नबीन को दिसंबर में पार्टी का कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त कर सबको चौका दिया था. अब परमानेंट तौर पर उन्हें अध्यक्ष चुन लिया गया है.
जानिए कैसे नितिन नबीन की हुई ताजपोशी
पांच बार के विधायक नबीन के पास इससे पहले सबसे बड़ा पद बीजेपी युवा मोर्चा के राष्ट्रीय महासचिव रहे. इस जिम्मेदारी को निभाते हुए नबीन ने अपनी कार्यकुशलता की छाप छोड़ी थी. नितिन नबीन जैसे युवा नेता को संगठन के शीर्ष पद पर सौंपना यह बताता है कि बीजेपी अब पूरी तरह से 'नेक्स्ट जेन' लीडरशिप पर फोकस कर रही है. बीजेपी अब 2029 और उसके बाद के भारत की तस्वीर देख रही है. इतना ही नहीं, आरएसएस भी कहता रहा है कि बीजेपी को भविष्य की लीडरशिप पर फोकस करना चाहिए.
बीजेपी ने 45 साल के युवा चेहरे को पार्टी की बागडोर सौंपकर साफ कर दिया है कि पार्टी की नजर नए नेताओं को आगे लाने पर है. नितिन नबीन के पास संगठन और सरकार दोनों का बेहतरीन अनुभव है, जिसे देखते हुए पार्टी ने कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त किया है. नितिन नबीन युवा हैं, आक्रामक हैं और नई पीढ़ी की भाषा को समझते हैं. यही नहीं, उन्हें युवाओं को पार्टी से जोड़ने की कला आती है. वह बीजेपी युवा मोर्चा के राष्ट्रीय महामंत्री रह चुके हैं.
नबीन को छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के लिए सहप्रभारी नियुक्त किया गया था. कहा जाता है कि प्रचार अभियान और चुनाव प्रबंधन की रणनीति बनाने में नबीन का अहम योगदान था. इसी की बदौलत बीजेपी कांग्रेस को हरा पाने में कामयाब हो पाई थी. कहा जाता है कि इसी कामयाबी का फल पार्टी आलाकमान ने नबीन को पार्टी का कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त किया और अब उन्हें पूर्ण कालिक अध्यक्ष चुना है. दिया. बीजेपी का अध्यक्ष बनने वाले नबीन बिहार के पहले नेता हैं.