2024 में होने वाले लोकसभा चुनावों को लेकर सियासत का पारा बढ़ने लगा है. बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने 18 फरवरी को पटना में हुए CPI-ML के राष्ट्रीय कनवेंशन में कहा था कि भारतीय जनता पार्टी को 100 सीटों के नीचे समेटने का प्लान तैयार है. इसके बाद से ही पक्ष और विपक्ष यानी JDU और BJP के खेमों में गणित और केमिस्ट्री वाले राजनीतिक दलों की तलाश शुरू हो गई है.
सूत्रों की मानें तो जेडीयू गठबंधन 2024 के लिए नए तरीके और कलेवर के साथ तैयारी करने में जुटा हुआ है, तो वहीं बीजेपी भी अपने गठबंधन के साथियों की तलाश और उनको अपने साथ लाने में जुटा है. राजनीतिक पंडित तो यहां तक कह रहे हैं कि इस बार बिहार में 2024 का चुनाव दिलचस्प होने जा रहा है. कहा तो ये भी जा रहा है कि आगामी लोकसभा चुनाव JDU महागठबंधन Vs BJP महागठबंधन होने जा रहा है.
यह तमाम बातें उस वक्त से होने लगी थीं, जब चिराग पासवान को केंद्र सरकार ने जेड कैटेगरी की सुरक्षा दी. अटकलें ये लगाई जाने लगीं कि संभावित कैबिनेट विस्तार में चिराग पासवान को मंत्री पद मिल सकता है, हालांकि अभी तक कैबिनेट विस्तार नहीं हो सका है.
दरअसल, बिहार में जातिगत समीकरण को लेकर बीजेपी बड़े स्तर पर काम करने में जुटी हुई है. सूत्रों के मुताबिक चिराग पासवान के बाद BJP अपने नए गठबंधन के साथी मुकेश साहनी को भी अपनी ओर लाने में जुटी हुई है. सरकार के उच्च पदस्थ सूत्रों ने आजतक को बताया कि मुकेश साहनी को भी केंद्र सरकार VIP सुरक्षा दे रही है. हालांकि वीआईपी सुरक्षा के बारे में कहा जाता है कि खुफिया रिपोर्ट के आकलन के बाद यह दिया जाता है पर इसके कई राजनीतिक मायने भी लगाए जाते हैं.
ऐसा हो सकता है BJP का गठबंधन?
राजनीतिक गलियारों में ये भी चर्चा है कि BJP अपने महागठबंधन के लिए चिराग पासवान + उपेंद्र कुशवाहा + जीतन राम मांझी + मुकेश साहनी और अन्य का जातिगत गठबंधन बनाने की तैयारी कर रही है. सुरक्षा सूत्रों ने बताया कि इसके बाद उपेंद्र कुशवाहा और जीतन राम मांझी को भी केंद्र की सुरक्षा मिल सकती है.
अपनी पार्टी बनाने जा रहे हैं उपेंद्र कुशवाहा
एक बार फिर नीतीश और उपेंद्र कुशवाहा की राहें अलग हो गई हैं. कुशवाहा ने अपनी अलग पार्टी बनाने का ऐलान कर दिया है. ये तीसरे बार है जब नीतीश और कुशवाहा दोनों अलग-अलग हो गए हैं. कुशवाहा ने ऐलान करते हुए बताया कि वे अपने पार्टी के अध्यक्ष खुद होंगे. उपेंद्र कुशवाहा के इस बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में कई अटकलें लगाई जा रही हैं.
माना तो ये भी जा रहा है कि उनका रुख अब बीजेपी की तरफ हो सकता है, लेकिन अभी इस पर ना तो आधिकारिक बयान आया है, ना ऐलान किया गया है. लेकिन जिस तरीके से जेडीयू के नेता यह कहते रहे हैं कि उपेंद्र कुशवाहा बीजेपी के नेताओं से नजदीकियां बढ़ा रहे हैं. ऐसे में अटकलें लग रही हैं कि 2024 के लोकसभा चुनाव के दौरान उपेंद्र कुशवाहा अपनी नई पारी खेल सकते हैं. अटकले लग रही हैं कि उनको भी आने वाले दिनों में केंद्र सरकार की सुरक्षा मिल सकती है और वह भी बीजेपी द्वारा तैयार की जा रही गठबंधन का हिस्सा हो सकते हैं.
BJP के लिए चिराग के साथ चाचा पारस भी ज़रूरी
बिहार में विधानसभा चुनाव के दौरान चिराग पासवान ने जिस तरीके से हर एक मंच से बीजेपी के समर्थन की बात की. उसके बाद से चिराग पासवान बीजेपी के लिए काफी अच्छे और बेहतर साबित हुए. बाद में गृह मंत्री अमित शाह से जब चिराग पासवान की मुलाकात हुई, तभी से ऐसी अटकलें लगने लगीं कि चिराग पासवान की बीजेपी से नजदीकी हो गई है और सुरक्षा मिलने के बाद तो इस पर और मुहर लग गई.
चिराग बीजेपी महागठबंधन के लिए हनुमान का काम करेंगे?
बिहार में विधानसभा चुनावों के वक्त जेडीयू को सीटों का घाटा हुआ था. माना गया कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के कद को कम करने के लिए इसमें चिराग को बीजेपी का अप्रत्यक्ष समर्थन हासिल था. चुनाव के दौरान चिराग ने खुद को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का हनुमान बताया. साथ ही उनसे निकटता जताने का कोई भी अवसर हाथ से जाने नहीं दिया. जिसके बाद अब यह कहा जा रहा है कि चिराग पासवान बीजेपी महागठबंधन के लिए हनुमान का काम करेंगे और जो पार्टियां अलग-अलग हैं, उनको एकसाथ लाने में बीजेपी की मदद कर सकते हैं. कहा जा रहा है कि बीजेपी ऐसी रणनीति पर काम कर रही है कि चिराग पासवान तो साथ रहें ही, साथ ही चिराग पासवान के चाचा पशुपति पारस भी बीजेपी के साथ रहें. इससे बीजेपी को एनडीए में एलजेपी का आधार वोट बैंक मिलेगा.
बिहार में अति पिछड़ा वोट बैंक पर BJP की नज़र!
बीजेपी बिहार में अति पिछड़ा समाज के वोट बैंक में बिखराव को रोकना चाहती है और इसके लिए उसकी नजर विकासशील इंसान पार्टी (VIP) के प्रमुख मुकेश सहनी पर भी नज़र है. यही वजह है कि केंद्र सरकार ऐसी तैयारी कर रही है कि मुकेश साहनी को किसी भी तरीके से अपनी ओर शामिल किया जाए.
सूत्रों की मानें तो विकासशील इंसान पार्टी के मुखिया मुकेश साहनी को जल्द ही केंद्र सरकार की उच्चस्तरीय केंद्रीय सुरक्षा दी जा सकती है. केंद्रीय सुरक्षा को लेकर कई राजनीतिक कयास भी लगाए जा सकते हैं. उधर, जीतन राम मांझी भी दबे सुरों में जेडीयू के कुछ नेताओं की बुराई कर चुके हैं, हालांकि वह खुलकर तो नहीं बोल रहे हैं पर माना जा रहा है कि जीतन राम मांझी भी बीजेपी के कई नेताओं के संपर्क में हैं और आने वाले दिनों में वह इस पर खुलासा कर सकते हैं.
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