छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने बिहार की सियासत में चल रही उथल-पुथल को लेकर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर निशाना साधा है. नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने और बिहार में नेतृत्व परिवर्तन की अटकलों के बीच बघेल ने कहा कि यह बीजेपी की उस राजनीतिक स्ट्रैटेजी का हिस्सा है, जिसमें अनुभवी खिलाड़ियों को भी किनारे कर दिया जाता है.
भूपेश बघेल ने कहा कि चुनाव नीतीश कुमार के नेतृत्व में लड़ा गया था और गठबंधन को जीत मिली, लेकिन अब उन्हें मुख्यमंत्री पद से हटाकर राज्यसभा भेजने की तैयारी चल रही है.
उन्होंने कहा, "नीतीश कुमार निश्चित रूप से एक बहुत ही अनुभवी खिलाड़ी हैं, जिन्होंने कई बार मुख्यमंत्री पद की शपथ लेकर रिकॉर्ड बनाया है, लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमित शाह की बिछाई बिसात में वह भी फंसते नजर आ रहे हैं."
बघेल ने इशारा किया कि यह कदम बिहार में नेतृत्व परिवर्तन का साफ संकेत है. यह भी पढ़ें: JDU को टूटने से बचाएंगे निशांत कुमार
'एपस्टीन फाइलों' पर तीखा हमला
बघेल ने केवल बिहार ही नहीं, बल्कि केंद्रीय कैबिनेट और पश्चिम बंगाल के घटनाक्रमों पर भी अपनी राय रखी. उन्होंने पश्चिम बंगाल के गवर्नर के इस्तीफे का जिक्र करते हुए केंद्रीय मंत्री हरदीप पुरी पर गंभीर आरोप लगाए. बघेल ने कहा, "जिन लोगों को वाकई इस्तीफा देना चाहिए, वे शान से कैबिनेट में बैठे हैं. हरदीप पुरी को देखिए, एपस्टीन फाइलों में सब कुछ स्पष्ट होने के बावजूद वह पद पर बने हुए हैं."
बदलते राजनीतिक समीकरण
बघेल ने अपनी बात खत्म करते हुए कहा कि वर्तमान स्थिति दिखाती है कि सत्ता के समीकरण कितनी तेजी से बदल सकते हैं. यदि नीतीश कुमार संसद जाते हैं, तो बिहार की राजनीति में एक नए युग की शुरुआत होगी, लेकिन यह नीतीश कुमार जैसे कद्दावर नेता के लिए एक रणनीतिक जाल भी हो सकता है.