छत्तीसगढ़ में इस साल विधानसभा चुनाव होने हैं और इससे पहले यहां सियासी उठापटक का क्रम बना हुआ है. इस बीच यहां कांग्रेस पार्टी को बड़ा झटका लगा है. पूर्व केंद्रीय मंत्री और छत्तीसगढ़ के आदिवासी नेता अरविंद नेताम ने कांग्रेस पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है. अपने इस्तीफे में नेताम ने पार्टी छोड़ने के पीछे की वजह भी बताई है.
अपने इस्तीफे में नेताम ने लिखा,'मैं कांग्रेस पार्टी का क्रियाशील सदस्य हूं. पांच साल पहले तत्कालीन अध्यक्ष राहुल गांधी के आह्वान पर कांग्रेस में वापस आकर अपने अनुभव से पार्टी को मजबूती प्रदान करने का हमेशा प्रयास किया. लेकिन प्रदेश नेतृत्व के असहयोग भरे रवैये के कारण मुझे निराशा हुई.'
नेताम ने आगे लिखा,' प्रदेश नेतृत्व ने राज्य में ना सिर्फ आदिवासी समाज के लिए बाबा साहब डॉ. अंबेडकर के दिए गए संवैधानिक अधिकारों के खिलाफ काम किया है, बल्कि पेसा कानून 1996 में आदिवासी समाज के जल, जंगल, जमीन में ग्रामसभा के अधिकारों को खत्म कर दिया गया है. इस तरह यह आदिवासी विरोधी सरकार है.
नेताम ने अपने इस्तीफे में आगे लिखा है,'इन्हीं कारणों से आज विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर मैं पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से त्याग-पत्र दे रहा हूं. केंद्रीय नेतृत्व से मुझे हमेशा मार्गदर्शन एवं आशीर्वाद मिलता रहा है. उसके लिए पार्टी का आभार व्यक्त करता हूं.' बता दें कि छह महीने पहले ही नेताम को कांग्रेस पार्टी ने नोटिस जारी किया था. उन पर पार्टी विरोधी काम करने का आरोप था.