बॉलीवुड अभिनेता और बीजेपी नेता मिथुन चक्रवर्ती को कथित भड़काऊ बयान मामले में कोलकाता हाईकोर्ट से राहत मिली है. उन्हें अभी गिरफ्तार नहीं किया जाएगा. शुक्रवार को सरकारी अभियोजक यानी कि राज्य सरकार की तरफ से केस लड़ रहे वकील ने कहा कि मानिकतल्ला पुलिस स्टेशन के जांच अधिकारी इस मामले में फिल्म अभिनेता से और पूछताछ करना चाहते हैं. उन्होंने बताया कि जांच अधिकारी मिथुन चक्रवर्ती से सोमवार को एक बार फिर वर्चुअली मिलेंगे और केस के बारे में आगे की पूछताछ करेंगे.
सरकारी वकील एसजी मुखर्जी के बयान को ध्यान में रखते हुए, जस्टिस कौशिक चंद्रा ने मामले की सुनवाई बुधवार तक के लिए टाल दी है. चुनाव में दिए गए भड़काऊ बयान को लेकर वकील महेश जेठमलानी और आयान भट्टाचार्य मिथुन चक्रवर्ती की तरफ से बहस कर रहे थे. उन्होंने कोर्ट में दलील देते हुए कहा कि उनके मुवक्किल ने केवल फिल्मी डायलॉग का प्रयोग किया था. इसका वास्तव में कोई मतलब नहीं था.
दरअसल माणिकतला पुलिस थाने में एक प्राथमिकी दर्ज की गई है. जिसमें दावा किया गया है कि सात मार्च को भाजपा में शामिल होने के बाद आयोजित रैली में चक्रवर्ती ने 'मारबो एकहने लाश पोरबे शोशाने' यानी कि तुम्हे मारूंगा तो लाश श्मशान में गिरेगी संवाद बोले थे. इसी वजह से राज्य में चुनाव के बाद हिंसा हुई. मानिकतला थाने में मिथुन चक्रवर्ती के खिलाफ धारा 153A, 504, 505 और 120B के तहत शिकायत की गई थी. जस्टिस कौशिक चंद्रा ने मुस्कुराते हुए इस केस को बुधवार सुबह तक के लिए स्थगित कर दिया है.
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गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले मार्च के पहले हफ्ते में अभिनेता मिथुन चक्रवर्ती बीजेपी में शामिल हुए थे. चक्रवर्ती ने कोलकाता के ब्रिगेड ग्राउंड पर बीजेपी का दामन थामा. इस दौरान उन्होंने मंच से हुंकार भरते हुए अपने कई डॉयलॉग बोले थे. उन्होंने कहा कि मैं कोबरा हूं. कोई हक छीनेगा तो मैं खड़ा हो जाऊंगा.
इसी दौरान मंच से मिथुन चक्रवर्ती ने अपना मशहूर डायलॉग 'मरूंगा यहां लाश गिरेगी शमशान में' भी बोला. इसके बाद उन्होंने कहा कि यह डायलॉग पुराना हो गया है, और अब नया डायलॉग है 'मैं पानी का सांप नहीं हूं, मैं कोबरा हूं. दंश मारने से काम तमाम हो जाएगा.' उन्होंने यह भी कहा कि मैं जोलधरा सांप भी नहीं हूं बेलेबोरा सांप भी नहीं, मैं कोबरा हूं एक दंश में ही काम तमाम कर दूंगा.
(प्रेमा राजाराम की रिपोर्ट)