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राजनीति

आपको क्या मिलेगा अपनी गाड़ी स्क्रैप में देने पर? गडकरी ने संसद में दी ये जरूरी जानकारी

नई कार पर 5% की छूट
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केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने संसद में कहा कि वाहन स्क्रैप करने के बाद लोगों को स्क्रैपिंग सर्टिफिकेट मिलेगा. इस सर्टिफिकेट को दिखाने पर नए वाहन की खरीद पर ग्राहक को 5% छूट मिलेगी. साथ ही वाहन रजिस्ट्रेशन शुल्क से भी छूट मिलेगी. इसके अलावा निजी वाहनों को रोड टैक्स से 25% और कमर्शियल वाहन को 15% की रिबेट भी मिलेगी. (फाइल फोटो)

क्या मिलेगा पुरानी गाड़ी से?
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अगर आप अपनी पुरानी गाड़ी को स्क्रैप में देते हैं तो स्क्रैपिंग सेंटर आपको नए वाहन की एक्स-शोरूम कीमत के 4 से 6 प्रतिशत तक की राशि देगा. साथ में आपको एक स्क्रैप सर्टिफिकेट मिलेगा. (फोटो: गेटी इमेजेस)

आपकी कार भी जाएगी क्या कबाड़ में?
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नितिन गडकरी ने संसद में स्पष्ट किया कि 20 साल पुराने निजी वाहन और 15 साल पुराने कमर्शियल वाहनों को फिटनेस सर्टिफिकेट लेना होगा. किसी भी वाहन का फिटनेस चेक जर्मनी, ब्रिटेन और जापान जैसे देशों के सर्वश्रेष्ठ मानकों के अनुरूप किया जाएगा. फिटनेस टेस्ट में विफल रहने वाले वाहनों को ‘End of Life’ वाहन करार दे दिया जाएगा, इसके बाद वाहन को स्क्रैप करना होगा. (फाइल फोटो)

खुलेंगे ड्राइविंग स्कूल, पैदा होंगे रोजगार
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नितिन गडकरी ने राज्यसभा में कहा कि देश में अभी 22 लाख ड्राइवरों की कमी है. ऐसे में हम हर जिले में दो से तीन ड्राइविंग स्कूल और कम से कम दो फिटनेस सर्टिफिकेट देने वाले सेंटरों को PPP मोड में खोल रहे हैं. इसके चलते देश में बड़ी संख्या में रोजगार पैदा होगा. वहीं नई गाड़ियां ज्यादा बिकेंगी तो उसमें भी रोजगार पैदा होगा और स्क्रैप से रिसाइकिल इंडस्ट्री में भी बहुत नौकरियां पैदा होंगी. ़(फाइल फोटो)

बची रहेंगी विंटेत कारें!
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कांग्रेस के शक्ति सिंह गोहिल ने सदन में सवाल किया कि क्या विंटेज कारों के लिए स्क्रैप पॉलिसी में विशेष प्रावधान किया गया है. इस पर नितिन गडकरी ने कहा कि विंटेज कारों को खत्म करने की कोई योजना नहीं है. बल्कि इनका संरक्षण किया जाएगा और इन्हें अलग नंबर दिया जाएगा. (फाइल फोटो)

नई टेक्नोलॉतजी से बचेंगे बहुत सारे पैसे!
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नितिन गडकरी ने संसद में कहा कि नागपुर में उन्होंने अपनी बुलेट प्रूफ कार का उपयोग छोड़ दिया है और उसकी जगह इलेक्ट्रिक कार इस्तेमाल करने लगे हैं. इससे पहले उनकी कार का जो खर्च 25,000 रुपये था अब वो घटकर 2,000 रुपये रह गया है. इस तरह नए वाहनों से मध्यम वर्ग को बचत ही बचत होगी. ये नीति गरीब विरोधी नहीं, बल्कि मध्यम और गरीब वर्ग के हित में है. (फाइल फोटो)