रोजमर्रा की जरूरतों और दिक्कतों से जूझता हिंदुस्तान भले अमेरिका नहीं बन पाया, लेकिन हमारी जुगाड़ टेक्नोलॉजी के सामने सिलिकॉन वैली के इंजीनियरों के दिमाग भी पानी भरते हैं. दुनिया में अगर कभी जुगाड़ के मामले में कोई प्रतियोगिता होती है तो जाहिर तौर पर सारे इनाम हिंदुस्तान के नाम होंगे. यकीन नहीं आता तो खुद ही देख लजिए...
ये 'मेक इन इंडिया' तो नहीं पर 'जुगाड़ इन इंडिया' का बढ़िया उदाहरण है.
टून इन वन सिक्योरिटी: चप्पल चोर सावधान...! साइकिल चुराने वाले तेरे सिर पर चप्पल.
स्वाद का अपना-अपना अंदाज है... वैसे ये 'पानी पुरी' का एक्सटेंडेड वर्जन सिर्फ वयस्कों के लिए है.
ये साहब शायद पाषाण युग से टीवी देख रहे हैं. बिल्कुल नया आविष्कार है.
...और ये है देश की सबसे किफायती टू-सीटर रेसिंग व्हेकिल. धूप, गर्मी, बरसात से बचने और सड़क पर बेधड़क चलने का सबसे सस्ता अंदाज.
घबराइए मत! कूलर में कोई नहीं घुसा है. ये तो एक कूलर से दो कमरों में ठंडी हवा पहुंचाने का तरीका है. नायाब और अनोखा.
वेबकैम का ऐसा इस्तेमाल, वाकई! मान गए आपके हुनर को.
इसे कहते हैं बुरे वक्त को अच्छे में बदलना. क्या करें... वक्त हमारा है.
भारतीय रेलवे को इस तस्वीर से सीख लेते हुए वातानुकूलित यान की तर्ज पर एयर कूलर यान शुरू कर देना चाहिए. कूलर में पानी भरने की जिम्मेदारी यात्रियों की होगी.
'प्रभु' सुन रहे हैं ना आप....
लालू प्रसाद जब रेलमंत्री थे तो उन्होंने रेलवे की कमाई बढ़ाने के लिए साइड बर्थ में एक तीसरा एक्स्ट्रा बर्थ जोड़ा था. वैसे, यह उपाय भी कमाई में कई गुना इजाफा कर सकता है.
मारुति-सुजूकी को अब 800 का नया मॉडल जल्द पेश कर देना चाहिए.
किसानों को समय पर बिजली नहीं मिलती और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नई टेक्नोलॉजी की बात करते हैं. अब इससे बेहतर और क्या हो सकता है.
हां, पेट्रोल की बढ़ी कीमत का थोड़ा खयाल रखना होगा.
ये कार-साइकिल आपको कहीं और नहीं दिखेगी.
भैया, प्याज काट रहे हो या रेसिंग ट्रैक पर हो...
ओ तेरी! इसका विकेट लेने के लिए छह के छह बॉल बाउंसर डालने होंगे.
कनस्तर नहीं... कूलर कहिए जनाब.
'मैंने कंपनी वालों से कहा था बच्चे के लिए आगे एक सीट लगाओ...'
मच्छर मरे न मरें... मदहोश जरूर हो जाएंगे.