जब सीनियर एडवोकेट जितेंद्र मोहन शर्मा से सवाल किया गया कि मौलिक अधिकारों के उल्लंघन के खिलाफ अनुच्छेद 32 सीधे सुप्रीम कोर्ट जाने का अधिकार देता है, तो क्या ऐसे मामले में भी कोर्टरूम में कसम नहीं खिलाई जाती है, तो उन्होंने कहा कि मौलिक अधिकारों के उल्लंघन के मामले में अनुच्छेद 32 के तहत सीधे सुप्रीम कोर्ट और अनुच्छेद 226 के तहत सीधे हाईकोर्ट में रिट याचिका दाखिल की जाती है. हालांकि इसका मतलब यह नहीं होता है कि सुप्रीम कोर्ट में ट्रायल कोर्ट की तरह कसम दिलाई जाएगी.