अप्रैल 2010 में पेट्रोल की कीमत 47.93 रुपए प्रति लीटर थी जब अब बढ़कर 63.37 रुपए प्रति लीटर हो गई है.
संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) की सरकार ने 11 महीने पहले जब पेट्रोल की कीमतों को नियंत्रणमुक्त किया था तब से लेकर अब तक एक वर्ष में नौ बार पट्रोल की कीमतें बढ़ाई जा चुकी हैं.
बीजेपी प्रदर्शनकारी केंद्र सरकार से बढ़ी हुई कीमतें वापस लेने की मांग कर रहे थे.
भाजपा की प्रदेश इकाई के अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने बताया कि विरोध प्रदर्शन सुबह 10 बजे शुरू हुआ था और यह दोपहर बाद तक चला.
यूपीए सरकार ने दो साल के अंदर तेल में दामों में 23 रुपये की बढ़ोतरी की है.
बीजेपी दिल्ली में तेल के बढ़े दामों के खिलाफ 14 जगहों पर प्रदर्शन किया.
यातायात विभाग के मुताबिक चक्का जाम की वजह से उत्तमनगर, मोतीनगर, रिची रिच होटल के निकट और निर्माण विहार मेट्रो स्टेशन के पास यातायात काफी धीमा हो गया था.
महंगाई ने पब्लिक का तेल निकाल दिया है, इसलिए बीजेपी चक्का जाम करना चाहती है. सरकार को झकझोरने के लिए पार्टी सोमवार को दिल्ली में सड़क पर उतर रही है.
पेट्रोल के दाम में पांच रुपये के इजाफे के विरोध में बीजेपी ने दिल्ली में 14 जगहों पर चक्काजाम किया.