भारत के महापंजीयक एवं जनगणना आयुक्त सी चंद्रमौलि ने जनगणनाकर्मी का शुभंकर जारी होने के मौके संवाददाताओं को बताया कि इस भारी भरकम प्रक्रिया को संचालित करने के लिए 25 लाख से अधिक लोगों को लगाया जाएगा.
इस पूरी प्रक्रिया में 2200 करोड़ रूपये खर्च होंगे. देश के 7742 कस्बों और 640 जिलों के छह लाख गांवों में यह प्रक्रिया होगी. जनगणना पर प्रति व्यक्ति खर्च 18 रूपये 33 पैसे आएगा.
इस बार की जनगणना में यह भी सवाल किया जाएगा कि आपको प्रशोधित जल पीने को मिल रहा है या नहीं और आप बैंकिंग सेवाएं ले रहे हैं या नहीं.
पहली बार जनगणनाकर्मी मोबाइल फोन, कंप्यूटर, इंटरनेट जैसे स्वामित्व से जुडे आंकडे भी जुटाएंगे.
इस जनगणना के साथ स्कूलों में सफाई की मुहिम भी चलाई जाएगी. जिसके लिए चिदंबरम ने एक हेल्पालाइन सेवा की भी शुरुआत की.
केंद्रीय गृहमंत्री पी चिदंबरम ने बुधवार को भारतीय जनगणना का शुभंकर को जारी किया.