दुनिया कितनी भी हाईटेक हो जाए, जब डाकिये किसी गली-मुहल्ले या चौराहे से गुजरते हैं तो वहां खड़े लोगों का ध्यान उनकी ओर आज भी जाता है. लेकिन अब डाकिये की वर्दी का डिजाइन बदल गया है. खादी से बने नए यूनिफॉर्म में अब डाकिये नजर आएंगे.
सरकार ने डाकियों और डाक विभाग के अन्य कर्मचारियों के लिए सोमवार को एक नये गणवेश (वर्दी) का अनावरण किया.
इस यूनिफॉर्म को राष्ट्रीय फैशन तकनीकी संस्थान (निफ्ट) ने डिजाइन किया है और इसका निर्माण खादी कपड़े से किया गया है.
संचार मंत्री मनोज सिन्हा ने इसे पेश करते हुए कहा कि हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खादी को प्रोत्साहित करते रहे हैं.
मनोज सिन्हा की मानें तो इस वर्दी को तैयार करने की प्रक्रिया करीब 25 दिन पहले शुरू की थी और खाकी रंग के खादी कपड़े से बनी इस पोशाक को लाने का निर्णय किया.
मनोज सिन्हा ने कहा कि निफ्ट ने सरकार के सामने यह डिजाइन पेश किया और डाक विभाग ने इसे स्वीकार कर लिया.
इस मौके पर केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह भी मौजूद थे. उन्होंने कहा कि देश में खादी और डाक विभाग के लिए अपार संभावनाएं मौजूद हैं.
नई वर्दी में 'गांधी टोपी' की जगह पी आकार वाली टोपी है. डाकियों के वर्दी के रंग में कोई बदलाव नहीं किया गया है.
नई पोशाक में जेब और टोपी पर भारतीय डाक का लोगो होगा. कंधे पर लाल पट्टियां होंगी. इस नई पहल से कई लोगों को रोज़गार मिलेगा और समाज का आर्थिक उत्थान होगा.
नई पोशाक खादी के 7,000 खुदरा बिक्री केंद्रों पर उपलब्ध होंगी. पुरुषों के परिधान की कीमत 1,500 और महिला कर्मियों के परिधान की कीमत 1,700 रुपये रखी गई है.