यूजीसी के नए नियमों को लेकर देशभर में विवाद और प्रदर्शन जारी है. सरकार के सूत्रों का कहना है कि इन नियमों में संसदीय समिति की सिफारिशों को जगह दी गई है. समिति ने अनुच्छेद 15(4) और 15(5) के अनुरूप जाति-आधारित उत्पीड़न की परिभाषा में OBC छात्रों और अन्य हितधारकों को शामिल करने की बात कही थी. लेकिन सवाल यह है कि क्या सरकार जनता तक यह संदेश पहुंचा पाएगी? उत्तर प्रदेश में स्थिति और पेचीदा है. जहां सवर्ण वोट का 80% बीजेपी को जाता है और OBC वोट का 60% से ज्यादा हिस्सा भी बीजेपी के साथ है. ऐसे में नियम पर अडिग रहे तो सवर्ण नाराज, और नियम पर पीछे हटे तो OBC नाराज. यही वजह है कि यूजीसी विवाद सरकार के लिए इधर कुआं, उधर खाई बन गया है.