भारतीय सेना का तोपखाना, जिसे 'युद्ध का देवता' कहा जाता है, दुश्मन की युद्ध इच्छाशक्ति को तोड़ने में सक्षम है। ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारतीय हथियारों की क्षमता स्पष्ट हुई, और अब 'धनुष' जैसी स्वदेशी तोपें आत्मनिर्भर भारत की पहचान बन रही हैं। के-9 वज्र और एम-777 जैसी उन्नत प्रणालियाँ भारतीय सेना की मारक क्षमता को बढ़ा रही हैं।