आजाद भारत में पहली बार किसी महिला को फांसी होने वाली है. अपने माता पिता, भाई-भाई, बहन और भतीजे समेत सात लोगों की हत्या करने वाली शबनम को मथुरा के जिला जेल में फांसी होनी करीब करीब तय है. राष्ट्रपति उसकी दया याचिका खारिज कर चुके हैं. जेल में फांसी की तैयारी हो रही है, इंतजार है तो बस डेथ वारंट का. कुछ गुनाह ऐसे होते हैं, जिनकी कोई माफी हो ही नहीं सकती. शबनम का गुनाह भी कुछ ऐसा था. एक बेमेल इश्क के जुनून में उसने अपने पूरे परिवार का सफाया कर दिया. जिन्होंने उसे जन्म दिया, उस माता पिता को कुल्हाड़ी से काट डाला. 11 साल के मासूम भतीजे का गला दबाते वक्त भी उसके हाथ नहीं कांपे. शबनम के जुर्म की पूरी दास्तान सुनेंगे तो आप भी थर्रा जाएंगे. देखें खास कार्यक्रम, चित्रा त्रिपाठी के साथ.