आई लव मोहम्मद पोस्टर को लेकर उत्तर प्रदेश में शुरू हुआ विवाद अब देशव्यापी बहस का रूप ले चुका है. 5 सितंबर को निकले जुलूस और 4 सितंबर को लगाए गए पोस्टरों को लेकर एफआईआर दर्ज की गई है. पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठ रहे हैं, खासकर सोशल मीडिया पर फैलाई जा रही अफवाहों और चुनिंदा एफआईआर को लेकर. विपक्षी दल पुलिस की कार्रवाई को भेदभावपूर्ण बता रहे हैं और आरोप लगा रहे हैं कि यह एक समुदाय को दबाने की कोशिश है.