धराली में खीर गंगा नदी के क्रोध से आई तबाही ने सब कुछ मलबे में बदल दिया. मंगलवार दोपहर करीब 1:30 बजे हुए हादसे में पांच तारीख को 34 सेकंड में ही सब कुछ बदल गया और 900 लोगों का गांव खत्म हो गया. एक स्थानीय व्यक्ति ने बताया, "मैं अपनी लाइफ में 50 साल मेरी उम्र हो गई है और मेरे पिताजी लोगों के मेरे से भी बड़े हैं, मेरे जो दादा लोग थे उन्होंने कभी ऐसा नहीं बताया कि ऐसे ऐसे कभी हुआ होगा."