भाषण में पाकिस्तान द्वारा आतंकी ढांचे को पुनः खड़ा करने और इस हेतु पाकिस्तानी सरकार द्वारा जैश ए मोहम्मद व लश्कर ए तोएबा जैसे संगठनों को आर्थिक मदद देने का उल्लेख किया गया, जिसमें अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) से मिलने वाले संभावित एक बिलियन डॉलर के इस्तेमाल पर भी सवाल उठाए गए. देखें...