बीजेपी नेता योगेश गौड़ा हत्याकांड ने कर्नाटक की राजनीति में हड़कंप मचा दिया था. अब इस मामले में बेंगलुरु की एक विशेष अदालत ने शुक्रवार को ऐतिहासिक फैसला सुनाया है. अदालत ने कांग्रेस विधायक और पूर्व मंत्री विनय कुलकर्णी सहित 16 दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई है.
बीजेपी के नेता और जिला पंचायत सदस्य योगेश गौड़ा की 15 जून, 2016 को धारवाड़ में उनके जिम के बाहर बेरहमी से हत्या कर दी गई थी.
शुरुआत में स्थानीय पुलिस ने जांच की थी, लेकिन बाद में परिवार की मांग और राजनीतिक दबाव के चलते मामला सीबीआई को सौंप दिया गया था.
अदालत ने माना कि ये महज एक हत्या नहीं, बल्कि एक सोची-समझी आपराधिक साजिश थी. अदालत ने इस मामले को हत्या और आपराधिक साजिश का गंभीर मामला माना. सजा सुनाते हुए कोर्ट ने दोषियों पर आर्थिक दंड भी लगाया है. कांग्रेस विधायक विनय कुलकर्णी और 15 अन्य मुख्य दोषियों को आजीवन कारावास की सजा मिली है.
कोर्ट ने सभी 16 दोषियों पर 30,000-30,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया है. मामले में शामिल एक अन्य आरोपी को सात साल की जेल की सजा सुनाई गई है. विशेष अदालत के फैसले के बाद अब दोषियों के पास हाई कोर्ट में अपील करने का विकल्प मौजूद है.
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खतरे में विनय कुलकर्णी की कुर्सी
विनय कुलकर्णी निर्वाचन क्षेत्र से कांग्रेस के कद्दावर नेता माने जाते हैं और वो सिद्धारमैया सरकार में मंत्री भी रह चुके हैं. इस फैसले के बाद उनकी विधानसभा सदस्यता पर भी तलवार लटक गई है. कानून के मुताबिक, अगर किसी जन प्रतिनिधि को दो साल या उससे ज्यादा की सजा होती है, तो उनकी सदस्यता रद्द की जा सकती है.