पश्चिम बंगाल के दोहरिया इलाके में देर रात शुभेंदु अधिकारी के पीए चंद्रनाथ रथ की हत्या कर दी गई. बीजेपी के चुनाव जीतने के बाद से राज्य में लगातार हिंसा जारी है. इसी बीच एक हत्या से ठीक पहले का एक सीसीटीवी फुटेज वीडियो सामने आया है. इस वीडियो में चंद्रनाथ रथ की सफेद स्कॉर्पियो आगे जाती दिख रही है.
चंद्रनाथ रथ अपनी कार से गुजर रहे थे. ड्राइवर कार चला था और वो बगल वाली सीट पर बैठे थे. जानकारी के मुताबिक, एक कार काफी देर से चंद्रनाथ की स्कॉर्पियो का पीछा कर रही थी. इतने में पीछे वाली कार आगे आई और उसकी स्पीड धीमी हो गई. ऐसे में चंद्रनाथ की कार की भी स्पीड स्लो हो गई. इसके बाद साइड से बाइक सवार बदमाश आए और चंद्रनाथ के सीने में तड़ातड़ गोलियां उतार दीं. इसके बाद माहौल पूरी तरह से हिंसात्मक हो जाता है. कुल दस राउंड गोलियां चलाई गईं और चंद्रनाथ को मौत के घाट उतार दिया गया. उनके शरीर से दो गोलियां निकाली गई हैं.
चश्मदीदों ने पुलिस को बताया कि हमले में इस्तेमाल की गई मोटरसाइकिल पर कोई रजिस्ट्रेशन प्लेट नहीं थी, जिससे यह शक पैदा होता है कि यह हमला पहले से ही सोच-समझकर किया गया था. एक सूत्र ने घटनाक्रम बताते हुए कहा, "किसी ने उनकी कार का पीछा किया और जब कार धीमी हुई, तो उन्होंने गोली चला दी." गोलीबारी में गाड़ी का ड्राइवर भी घायल हो गया, जिसका कोलकाता के SSKM अस्पताल में उसका इलाज चल रहा है. उसकी हालत गंभीर बताई जा रही है. सूत्रों ने बताया कि घटनास्थल से बरामद गोलियों के खोखे इस बात का संकेत देते हैं कि हमले में किसी छोटे हथियार, संभवतः ऑस्ट्रिया में बनी Glock पिस्टल का इस्तेमाल किया गया होगा. हालांकि, जांचकर्ताओं ने आगाह किया है कि सटीक हथियार की पुष्टि केवल फॉरेंसिक जांच के बाद ही हो पाएगी. सूत्रों ने कहा, "फॉरेंसिक जांच से पता चलेगा कि हमले में किस तरह के हथियार का इस्तेमाल किया गया था."
घटनास्थल से मिले दृश्यों में कार की खिड़की पर गोलियों के निशान दिखाई दिए, जो हमले की भयावहता को दर्शाते हैं. जांचकर्ताओं ने घटनास्थल से खाली कारतूस और जिंदा गोलियां बरामद की हैं. पश्चिम बंगाल के DGP सिद्धार्थ नाथ गुप्ता ने कहा है कि इस मामले से जुड़ी एक गाड़ी को रोक लिया गया है. उन्होंने कहा, "कार की नंबर प्लेट के साथ छेड़छाड़ की गई थी. हमने गाड़ी को जब्त कर लिया है, उसमें से चले हुए कारतूस और जिंदा गोलियां बरामद की हैं. कई CCTV फुटेज की जांच की जा रही है." संदिग्धों की आवाजाही का पता लगाने के लिए पुलिस की टीमें जेसोर रोड और आस-पास के इलाकों के CCTV फुटेज खंगाल रही हैं. चल रही जांच के तहत स्थानीय चश्मदीदों से भी पूछताछ की जा रही है.