सुप्रीम कोर्ट के वकील विष्णु शंकर जैन ने सांसद और सपा प्रमुख अखिलेश यादव के खिलाफ मानहानि का मुकदमा दायर किया है. दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट में विष्णु शंकर जैन ने अखिलेश यादव के खिलाफ मानहानि की याचिका दायर की है. अखिलेश यादव पर उनकी छवि खराब करने का आरोप लगाते हुए हर्जाने के तौर पर एक रुपये का भुगतान करने का आदेश देने की मांग की है.
सोशल मीडिया के X प्लेटफॉर्म पर अपने अकाउंट से अखिलेश यादव ने विष्णु शंकर जैन को लेकर पोस्ट डाली थी. उसके खिलाफ जैन ने मानहानि की अर्जी दायर की है. याचिका में जैन ने कहा है कि लीगल नोटिस भेजने के बावजूद अखिलेश यादव ने अपने किए पर अफसोस जताते हुए माफी नहीं मांगी. लिहाजा अदालत इस मामले में न्याय करे.
जैन का आरोप- अखिलेश ने किए थे प्रतिष्ठा धूमिल करने वाले तीन पोस्ट
विष्णु शंकर जैन का आरोप है कि अखिलेश यादव ने नवंबर 2024 को तीन कमेंट करके उनकी प्रतिष्ठा धूमिल की है. संभल की शाही जामा मस्जिद को लेकर दायर की गई सिविल अपील पर अखिलेश यादव ने विष्णु जैन पर निशाना साधा था. तब सपा के सोशल मीडिया अकाउंट्स ने 24 नवंबर 2024 को संभल की शाही जामा मस्जिद के कोर्ट कमिश्नर सर्वे के दौरान भड़की हिंसा के लिए विष्णु शंकर जैन पर जिम्मेदारी का ठीकरा फोड़ा था.
जैन ने याचिका में कहा कि वह कोर्ट के आदेश के बाद अपनी जिम्मेदारी को निभा रहे थे, यही नहीं वहां इकट्ठा हुई हिंसक भीड़ उन्हीं पर हमला करने के मकसद से आई थी.
याचिका में विष्णु शंकर जैन ने समाजवादी पार्टी द्वारा लगाए गए आरोपी को भ्रामक और प्रोपेगंडा फैलाने वाला कहा. याचिका के मुताबिक, सपा ने यह भी आरोप लगाया था कि सर्वे के लिए जाते वक्त विष्णु शंकर जैन ने 'जय श्री राम' के नारे लगाए जिसकी वजह से दंगे भड़के, जबकि अखिलेश यादव को यह पूरी जानकारी थी कि वह (जैन) जिला प्रशासन के साथ कोर्ट कमिश्नर के तौर पर सर्वे के लिए जा रहे हैं.
यही नहीं याचिका में दावा किया गया है कि अखिलेश यादव के पास इस बात का कोई सबूत नहीं है कि है 'जय श्री राम' का नारा लगाने की वजह से हिंसा भड़की.