उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियां जोरों पर हैं. राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) कार्यालय ने बताया कि ड्राफ्ट इलेक्टोरल रोल (मतदाता सूची का मसौदा) मंगलवार यानी 6 जनवरी को प्रकाशित किया जाएगा. बताया जा रहा है कि आयोग सभी जिलों के जिला निर्वाचन अधिकारी इस सूची की हार्ड कॉपी मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के साथ साझा करेंगे. साथ ही पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए निर्वाचन आयोग इस डेटा को अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर भी अपलोड करेगा, जिससे मतदाता अपना नाम और विवरण आसानी से चेक कर सकेंगे.
प्राप्त जानकारी के अनुसार, मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) और जिला निर्वाचन अधिकारी (DEO) राज्य के सभी मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों को ड्राफ्ट रोल की हार्ड कॉपियां सौंपेंगे. इससे राजनीतिक दल अपने स्तर पर सूची की समीक्षा कर सकेंगे और किसी भी विसंगति पर अपनी प्रतिक्रिया दें.
कट सकते हैं 2.90 करोड़ नाम
आयोग का उद्देश्य ये सुनिश्चित करना है कि कोई भी पात्र मतदाता छूट न जाए और चुनावी प्रक्रिया में सभी की भागीदारी सुनिश्चित हो सके. सूत्रों के मुताबिक, ड्राफ्ट रोल में पिछली सूची के मुकाबले करीब 2 करोड़ 90 लाख नाम कटना लगभग तय माना जा रहा है. साथ ही डिजिटल पहुंच को बढ़ावा देने के लिए आयोग इस ड्राफ्ट वोटर लिस्ट को अपनी आधिकारिक वेबसाइटों पर भी अपलोड करेगा.
मृत और शिफ्ट हुए वोटरों की अलग लिस्ट
वोटर लिस्ट को पूरी तरह सटीक बनाने के लिए आयोग ने एक विशेष कदम उठाया है. ड्राफ्ट रोल के साथ-साथ अनुपस्थित, शिफ्टेड, मृत और डुप्लीकेट वोटरों की अलग सूचियां भी वेबसाइट पर अपलोड की जाएंगी. इससे उन लोगों की पहचान आसानी से हो सकेगी जो अब उस क्षेत्र में नहीं रहते या जिनकी मृत्यु हो चुकी है.
निर्वाचन आयोग के अनुसार, ड्राफ्ट रोल प्रकाशित होने के बाद दावे और आपत्तियां दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू होगी. नागरिक अपने नाम की जांच कर सकते हैं, नए नाम जोड़ने, सुधार करने या गलत प्रविष्टियों को हटाने के लिए आवेदन कर सकते हैं. ये प्रक्रिया मतदाता सूची को शुद्ध और पारदर्शी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है.