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त्रिपुरा निकाय चुनाव में बवाल के बीच SC का आदेश, मौके पर भेजी जाएं BSF की दो टीमें, मीडिया को रिपोर्टिंग की अनुमति

त्रिपुरा निकाय चुनाव की वोटिंग जारी है. सुबह सात बजे से ही मतदान शुरू हो चुका है. लेकिन कुछ जगहों से ऐसी खबरें आ रही हैं कि लोगों को वोट नहीं डालने दिया जा रहा है. टीएमसी ने तो यहां तक कह दिया कि मतदाताओं को डराया-धमकाया जा रहा है. अब सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा आदेश दिया है. स्पष्ट कहा गया है कि मौके पर BSF की दो टीमें भेजी जाएं और DGP भी स्थिति का जायजा लें.

त्रिपुरा निकाय चुनाव को लेकर कोर्ट का फैसला ( सांकेतिक फोटो) त्रिपुरा निकाय चुनाव को लेकर कोर्ट का फैसला ( सांकेतिक फोटो)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • त्रिपुरा निकाय चुनाव में बवाल के बीच SC का आदेश
  • मौके पर भेजी जाएं BSF की दो टीमें, मीडिया को रिपोर्टिंग की अनुमति

त्रिपुरा निकाय चुनाव की वोटिंग जारी है. सुबह सात बजे से ही मतदान शुरू हो चुका है. लेकिन कुछ जगहों से ऐसी खबरें आ रही हैं कि लोगों को वोट नहीं डालने दिया जा रहा है. टीएमसी ने तो यहां तक कह दिया कि मतदाताओं को डराया-धमकाया जा रहा है. अब सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा आदेश दिया है. स्पष्ट कहा गया है कि मौके पर BSF की दो टीमें भेजी जाएं और DGP भी स्थिति का जायजा लें.

कोर्ट में त्रिपुरा सरकार की तरफ से महेश जेठमलानी ने बताया है कि इस समय राज्य में Tripura State Rifles के 458 जवान तैनात हैं. इसके अलावा 2 अतिरिक्त BSFकी टीमें भी तैनात कर दी गई हैं. जोर देकर कहा गया है कि स्थिति शांतिपूर्ण है और वोटिंग ठीक से हो रही है. यहां तक कहा गया है कि केवल याचिकाकर्ता और हस्तक्षेपकर्ता ही बाधा डाल रहे हैं. लेकिन अभी के लिए कोर्ट ने बिना समय गंवाए और एक्शन लेने की बात कही है.

कोर्ट ने निर्देश दिया है कि मौके पर गृह मंत्रालय द्वारा CAPF की दो कंपनियां भी मौके पर भेज दी जाएं, वहीं डीजीपी और गृह सचिव को मौके पर जा समीक्षा करने के लिए कहा गया है. कोर्ट ने कहा है अधिकारियों को जमीन पर जा चेक करना चाहिए कि वहां पर और पुलिस बल की जरूरत है या नहीं. कोर्ट ने अपने आदेश में कहा है कि हर पोलिंग बूथ पर CAPF जवानों की पर्याप्त संख्या जरूरी है. वहीं पोलिंग ऑफिसर्स को भी निर्देश दिए गए हैं कि जरूरत पड़ने पर तुरंत CAPF के जवानों से मदद ली जाए और स्थिति को नियंत्रण में रखा जाए.

कोर्ट ने अपने आदेश में ये भी कहा है कि सभी बूथों में CCTV न होने की वजह से प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया को मतदान की पूरी रिपोर्टिंग सुनिश्चित करने के लिए  SEC,DGP और गृह सचिव को तत्काल प्रभाव से निर्देश दिए जाएं. जोर देकर कहा गया है कि निकाय चुनाव शुरू हो चुके हैं इसलिए स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव के लिए तुरंत सुरक्षा बल भेजा जाए.

अब कोर्ट के आदेश के बाद अतिरिक्त बल भेजा भी गया, लेकिन टीएमसी ने दोबारा कोर्ट का ही दरवाजा खटखटा दिया. टीएमसी के मुताबिक अभी भी मौके पर कोई इंतजाम नहीं किया गया है. अभी भी कोई सुनवाई नहीं हो रही है. इस पर कोर्ट की तरफ से सॉलिसिटर जनरल से मामले को देखने के लिए कहा गया है.

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