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दिल-फेफड़े से हाथ तक... भारत में चार गुना बढ़े अंगदानी, लाखों ने कराया रजिस्ट्रेशन

नेशनल ऑर्गन एंड टिश्यू ट्रांसप्लांट ऑर्गनाइजेशन (NOTTO) के मुताबिक, अंगदान और ट्रांसप्लांट के क्षेत्र में देश ने बड़ी प्रगति की है. अभी करीब 18 प्रतिशत ट्रांसप्लांट मृत दाताओं के अंगों से हो रहे हैं. साल 2025 में 1,200 से ज्यादा परिवारों ने अपने परिजनों के निधन के बाद अंगदान किया, जिससे हजारों लोगों को नई जिंदगी मिली.

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4.8 लाख लोगों ने कराया रजिस्ट्रेशन, अंगदान के प्रति बदल रही सोच
4.8 लाख लोगों ने कराया रजिस्ट्रेशन, अंगदान के प्रति बदल रही सोच

देश में अंग प्रत्यारोपण (ट्रांसप्लांट) की संख्या में भारी बढ़ोतरी हुई है. साल 2013 में जहां 5 हजार से भी कम ट्रांसप्लांट होते थे, वहीं 2025 में यह संख्या बढ़कर करीब 20 हजार पहुंच गई है. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने रविवार को यह जानकारी दी. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘मन की बात’ कार्यक्रम में अंगदान की अहमियत पर जोर दिया था. मंत्रालय ने कहा कि सरकार की लगातार कोशिशों से देश में अंगदान आंदोलन को मजबूती मिली है.

नेशनल ऑर्गन एंड टिश्यू ट्रांसप्लांट ऑर्गनाइजेशन (NOTTO) के मुताबिक, अंगदान और ट्रांसप्लांट के क्षेत्र में देश ने बड़ी प्रगति की है. अभी करीब 18 प्रतिशत ट्रांसप्लांट मृत दाताओं के अंगों से हो रहे हैं. साल 2025 में 1,200 से ज्यादा परिवारों ने अपने परिजनों के निधन के बाद अंगदान किया, जिससे हजारों लोगों को नई जिंदगी मिली.

17 सितंबर 2023 से अब तक 4.8 लाख से ज्यादा लोगों ने आधार आधारित सिस्टम के जरिए अंगदान के लिए रजिस्ट्रेशन कराया है. मंत्रालय ने बताया कि भारत अब दिल, फेफड़े और अग्न्याशय जैसे जटिल अंगों के ट्रांसप्लांट करने में सक्षम है. हाथ के ट्रांसप्लांट में तो भारत दुनिया में सबसे आगे है.

सरकार ने अंगों के सही और पारदर्शी बंटवारे के लिए डिजिटल सिस्टम मजबूत किया है. ग्रीन कॉरिडोर और बेहतर कोऑर्ड‍िनेशन की वजह से अंगों को एक शहर से दूसरे शहर तक तेजी से पहुंचाया जा रहा है. मंत्रालय का कहना है कि जागरूकता बढ़ने से लोगों की सोच बदली है और ज्यादा परिवार अंगदान के लिए आगे आ रहे हैं. 

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