प्रवर्तन निदेशालय (ED) के दिल्ली जोनल ऑफिस- 1 ने टेक सपोर्ट स्कैम के मामले में 25 अक्टूबर को दिल्ली, नोएडा, गुरुग्राम, हरियाणा और मुंबई स्थित 15 ठिकानों पर छापेमारी की.
प्रवर्तन निदेशालय (ED) के दिल्ली जोनल ऑफिस ने मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम (PMLA) के तहत 7 अक्टूबर को दिल्ली, नोएडा, गुरुग्राम और मुंबई में स्थित 15 ठिकानों पर छापेमारी की. ये कार्रवाई टेक सपोर्ट स्कैम मामले में की गई है, जिसमें विदेशी नागरिकों को करोड़ों डॉलर का चूना लगाया गया था.
फर्जी कॉल सेंटर
ईडी की जांच दिल्ली पुलिस द्वारा करण वर्मा और अन्य के खिलाफ दर्ज कई FIR के आधार पर शुरू की गई है. जांच में पता चला कि धोखेबाजों ने दिल्ली के रोहिणी, पश्चिम विहार और राजौरी गार्डन में कई फर्जी कॉल सेंटर चलता था.
जांच में ये भी पता चला है कि इन कॉल सेंटर्स से विदेशी नागरिकों को चार्ल्स श्वाब फाइनेंशियल सर्विसेज, माइक्रोसॉफ्ट, एप्पल जैसी प्रतिष्ठित कंपनियों के कस्टमर सपोर्ट या पुलिस/जांच अधिकारियों के रूप में ठगते थे. वे पीड़ितों को गिरफ्तारी की धमकी देकर पैसे वसूलते थे.
करोड़ों डॉलर का क्रिप्टो लेनदेन
पीड़ितों के पैसे को क्रिप्टोकरेंसी, गिफ्ट कार्ड्स में बदलकर भारत में धोखेबाजों और उनके साथियों को ट्रांसफर किया जाता था. जांच से खुलासा हुआ कि धोखेबाजों के क्रिप्टो वॉलेट्स में लाखों अमेरिकी डॉलर के लेन-देन हुए हैं. ईडी ने इन सर्च ऑपरेशंस के दौरान डॉक्यूमेंट, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और अन्य साक्ष्य जब्त किए हैं.
धोखेबाज विदेशी नागरिकों को तकनीकी समस्या का हवाला देकर संपर्क करते और डराकर पैसे ऐंठते थे. ये स्कैम इंटरनेशनल स्तर पर फैला हुआ है.