पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक से जुड़े मामले में सुप्रीम कोर्ट ने अहम निर्देश दिए हैं. कोर्ट ने जेल प्रशासन को आदेश दिया है कि सोनम वांगचुक को अस्पताल में उचित और विशेषज्ञ चिकित्सा उपचार मुहैया कराया जाए. वहीं, उनकी हिरासत को चुनौती देने से जुड़े बड़े मुद्दे पर अब 2 फरवरी को सुनवाई होगी.
सुनवाई के दौरान सोनम वांगचुक की ओर से वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल ने कोर्ट को बताया कि पिछले तीन महीनों में उनका 21 बार मेडिकल चेकअप हो चुका है, लेकिन उन्हें लगातार पेट से जुड़ी समस्या बनी हुई है. इस पर कोर्ट ने सवाल किया कि जब पेट की बीमारी की शिकायत है तो गैस्ट्रोएंटरोलॉजिस्ट (पेट के विशेषज्ञ) को क्यों नहीं दिखाया गया.
सरकार की ओर से ASG के.एम. नटराज ने कहा कि हिरासत में सोनम वांगचुक का पूरा ध्यान रखा गया है और ताजा मेडिकल रिपोर्ट में उनकी ब्लड प्रेशर और ऑक्सीजन लेवल सामान्य पाए गए हैं. हालांकि कोर्ट ने साफ कहा कि अगर किसी तरह के विशेषज्ञ इलाज की जरूरत है तो उसे तुरंत उपलब्ध कराया जाए.
सुप्रीम कोर्ट ने निर्देश दिया कि सोनम वांगचुक को सरकारी अस्पताल के विशेषज्ञ डॉक्टर से जांच कराई जाए और उसकी रिपोर्ट सीलबंद लिफाफे में कोर्ट के सामने पेश की जाए. कोर्ट ने यह भी कहा कि मेडिकल जरूरतों में किसी भी तरह की देरी नहीं होनी चाहिए. कोर्ट ने इलाज से जुड़ी याचिका का निपटारा करते हुए साफ किया कि सोनम वांगचुक के स्वास्थ्य को लेकर पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी. अब मामले की अगली सुनवाई 2 फरवरी को होगी, जिसमें उनकी हिरासत को लेकर कानूनी सवालों पर चर्चा की जाएगी.