
ओडिशा विधानसभा में कार्यवाही के दौरान स्थिति उस समय हंगामेदार हो गई जब भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के विधायकों की ओर से स्पीकर के ऊपर जूते फेंके गए. जूते फेंकने वाले विधायक ने कहा कि उन्होंने कुछ गलत नहीं किया, स्पीकर इसके हकदार हैं.
वहीं, अब विधानसभा अध्यक्ष पर बीजेपी विधायक जयनारायण मिश्रा, बिष्णु प्रसाद सेठी और मोहन मांझी को जूते, माइक्रोफोन और अन्य वस्तुओं को कथित रूप से उछालने के लिए निलंबित कर दिया गया है. ओडिशा विधानसभा अध्यक्ष ने कहा है कि सभी सदस्यों ने फुटेज को देखा और फिर ये निर्णय लिया.
ओडिशा सरकार के मुख्य सचेतक प्रमिला मल्लिक ने मीडिया को बताया कि उपनेता प्रतिपक्ष (LoP) बिष्णु सेठी, विधायक जयनारायण मिश्रा और विपक्ष के मुख्य सचेतक मोहन मांझी ने स्पीकर के पोडियम पर जूते, ईयरफोन्स और पेपर्स फेंके.
कार्यवाही के दौरान शनिवार को उस समय ये घटना घटी जब सदन की कार्यवाही के दौरान भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सदस्यों द्वारा ओडिशा विधानसभा के सदन में स्पीकर के पोडियम पर जूते, ईयरफोन्स और पेपर्स फेंके गए.

कथित तौर पर, बीजेपी के वरिष्ठ विधायक जयनारायण मिश्रा और विपक्ष के उपनेता बिष्णु सेठी ने स्पीकर सुरज्या नारायण पात्रो के विरोध के प्रतीक के रूप में जूते (चप्पल) फेंके जाने के बाद स्थिति खराब हो गई.
स्पीकर इसके हकदारः जयनारायण
वित्त मंत्री निरंजन पुजारी ने सदन में 2019-20 के लिए कैग रिपोर्ट पेश करने के बाद विपक्षी पार्टी कांग्रेस स्थगन प्रस्ताव लेकर आई जिसे स्पीकर ने खारिज कर दिया, जिसके बाद विपक्षी विधायकों ने उन्मादी प्रदर्शन किया और विरोध जताया. उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि ओडिशा लोकायुक्त (संशोधन) विधेयक सदन में बिना बहस के पारित कर दिया गया.
हंगामे के बीच, बीजेपी के दो विधायकों जयनारायण मिश्रा और बिष्णु सेठी अपनी-अपनी सीटों पर खड़े हो गए और विरोध जताते हुए स्पीकर पर जूते, कागज, कलम और ईयरफोन्स फेंके.
हालांकि, कांग्रेस विधायक दल (सीएलपी) के नेता नरसिंह मिश्रा ने इस घटना की निंदा की और इस घटना को बेहद दुर्भाग्यपूर्ण करार दिया. विधायक जयनारायण मिश्रा ने कहा, 'मुझे नहीं पता कि मैंने स्पीकर पर वास्तव में क्या फेंका, लेकिन मैंने कुछ भी गलत नहीं किया. विधानसभा अध्यक्ष इस तरह के व्यवहार के हकदार थे.'
हालांकि, बिष्णु सेठी ने इस आरोप का खंडन किया और कहा, 'मैंने उन पर (स्पीकर) जूते नहीं फेंके. मैंने सिर्फ एक पेन और हेडफोन फेंका था.'
मीडियाकर्मियों को संबोधित करते हुए, स्पीकर सूरज्या नारायण पात्रो ने कहा, 'मैं सभी पहलुओं पर विचार कर रहा हूं और इस संबंध में कानून की व्याख्या भी कर रहा हूं. कानून अपना काम करेगा. मैं तस्वीरों की जांच कर रहा हूं.'