मार्च 2026 में होने वाले आईपीएल से पहले देश का सियासी माहौल गरमाता नजर आ रहा है. बांग्लादेशी क्रिकेटर मुस्ताफिजुर रहमान को खरीदने के बाद कोलकाता नाइट राइडर्स विवादों में घिर गई है. इस मुद्दे पर अब टीम के को-ओनर और सुपरस्टार शाहरुख खान भी निशाने पर आ गए हैं.
राजनीतिक नेता से लेकर धर्मगुरुओं तक, कई वर्गों की ओर से शाहरुख खान पर तीखे बयान सामने आ रहे हैं. तरह-तरह की बातों के साथ-साथ उनको ‘गद्दार’ तक कहा गया. दूसरी तरफ शाहरुख के सपोर्ट में भी राजनेता उतर आए हैं.
विरोध में ताजा बयान जगद्गुरु स्वामी रामभद्राचार्य और पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री का आया है. दोनों ने आध्यात्मिक गुरु देवकीनंदन ठाकुर का सपोर्ट किया है, जिन्होंने बांग्लादेशी खिलाड़ी मुस्ताफिजुर रहमान को लेकर चेतावनी दी थी.
रामभद्राचार्य ने कहा, 'वह (शाहरुख खान) हीरो नहीं हैं. शाहरुख खान का कोई चरित्र नहीं है. उनके काम गद्दार जैसे रहे हैं.'
वहीं, पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने कहा, 'कहीं न कहीं वहां (बांग्लादेश) ऐसी घटनाएं हो रही हैं जो हिंदुत्व के खिलाफ हैं. वहां के खिलाड़ियों को आवाज उठानी चाहिए, ताकि हिंदुओं की रक्षा हो सके और वहां के लोग तथा बीसीसीआई इस मुद्दे को समझें.'
इससे पहले बुधवार को सरधना के पूर्व विधायक संगीत सोम ने अभिनेता शाहरुख खान को लेकर बयान दिया था. उन्होंने कहा, 'वो रहमान (मुस्ताफिजुर) यहां कैसे आ सकता है. शाहरुख खान जैसे गद्दार देश में उन्हें खरीद कर साढ़े नौ करोड़ रुपए देने का काम करेंगे वो बिल्कुल नहीं चलेगा और भारत की जनता इसे बिल्कुल बर्दाश्त नहीं करेगी.'
इसपर मुख्तार अब्बास नकवी ने जवाब भी दिया. उन्होंने कहा, 'किसी को भी राष्ट्र भक्ति का प्रमाण पत्र बांटने का अधिकार नहीं है और किसी को भी राष्ट्र भक्ति का प्रमाण पत्र बांटने का ठेकेदार बनने की कोशिश नहीं करनी चाहिए.'
इससे पहले धर्मगुरु देवकीनंदन ठाकुर ने कहा था, 'जिस देश ने आपको (SRK) हीरो बनाया, सुपर स्टार बनाया, जिस देश ने इतना सामर्थ्य दिया की तुम एक क्रिकेट टीम खरीद सको. देश ने तुम्हें इतना प्यार दिया, हिंदू समाज ने भी बहुत ढेर सारा प्यार दिया. तो क्या बांग्लादेशी क्रिकेटर को लाकर हमारी छाती पर खिलाकर उसका ऋण चुकाओगे.'
देवकीनंदन ठाकुर के बयान का महाराष्ट्र राज्य अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष प्यारे खान ने भी समर्थन किया. वह बोले, 'जिस देश में अल्पसंख्यक सुरक्षित नहीं हैं, वह कभी तरक्की नहीं कर सकता. मैं शाहरुख खान से कहना चाहता हूं कि अगर हमारे देश के लोगों के साथ किसी दूसरे देश में ऐसा अन्याय हो रहा है, तो उन देशों के खिलाड़ियों पर प्रतिबंध लगाया जाना चाहिए, ताकि एक कड़ा संदेश जाए. मैं इस मुद्दे पर अल्पसंख्यक मंत्री किरेन रिजिजू को पत्र लिखूंगा और उनसे वहां अल्पसंख्यकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग करूंगा.'
मुस्ताफिजुर रहमान के खेलने पर सस्पेंस
भारत-बांग्लादेश के बीच बिगड़ते राजनयिक हालात के बावजूद तेज गेंदबाज मुस्ताफिजुर रहमान के इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) 2026 में कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) के लिए खेलने की संभावना फिलहाल बरकरार है. भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने बांग्लादेशी खिलाड़ियों पर किसी भी तरह के प्रतिबंध से इनकार किया है और इस मामले में सरकार के निर्देशों का इंतजार करते हुए ‘वेट एंड वॉच’ की नीति अपनाई है.
मुस्ताफिजुर रहमान IPL 2026 के मिनी ऑक्शन में बिकने वाले इकलौते बांग्लादेशी खिलाड़ी रहे. केकेआर ने उन्हें 9.20 करोड़ रुपये में अपनी टीम में शामिल किया. हालांकि, नीलामी के बाद से ही केकेआर को सोशल मीडिया पर तीखी आलोचनाओं का सामना करना पड़ रहा है. फैन्स के साथ-साथ कुछ राजनीतिक नेताओं ने भी बांग्लादेशी खिलाड़ियों के आईपीएल में खेलने को लेकर सवाल उठाए हैं.