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छत्तीसगढ़: 10 दिन के अंदर कई नक्सली हमले, सुरक्षा एजेंसी अलर्ट, मई में हो सकता है बड़ा अटैक

छत्तीसगढ़ में इस समय नक्सली टैक्टिकल काउंटर ऑफेंसिव कैम्पेन (TCOC) चला रहे हैं. यह अभियान मार्च से लेकर जून तक चलता है. इस अभियान को चलाने का मकसद सुरक्षाबलों पर ज्यादा से ज्यादा हमले करना होता है.

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सांकेतिक तस्वीर
सांकेतिक तस्वीर
स्टोरी हाइलाइट्स
  • मई में बड़ा हमला करने की फिराक में नक्सली
  • पिछले 10 दिनों के अंदर कई हमले

छत्तीसगढ़ में इन दिनों सुरक्षा एजेंसियों के सामने नक्सलियों को कंट्रोल करने की बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है. नक्सल प्रभावित इलाकों में पिछले 10 दिनों के अंदर नक्सली सुरक्षाबलों के कैंपों पर कई हमले कर चुके हैं. सुरक्षाबलों के सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक नक्सलियों ने CRPF के 2 कैम्पों पर बुधवार गोले दागे थे. ये गोले छत्तीसगढ़ के मिलपा कैंप और एलमागुंडा कैम्प पर दागे गए.

सुरक्षाबल से मिली जानकारी के मुताबिक छत्तीसगढ़ में नक्सलियों ने ग्रेनेड लांचर और BGL से रात में रुक-रुक कर फायरिंग की है. पिछले कुछ दिनों से नक्सली अपनी उपस्थिति दिखाने के लिए CRPF के कैंप पर फायरिंग कर रहे हैं. इसी प्रकार सुकमा के पोटकापल्ली CRPF कैंप पर सोमवार की रात नक्सलियों ने हमला किया था. फायरिंग के साथ ही उन्होंने ग्रेनेड लॉन्चर से कई गोले भी दागे थे. हालांकि, CRPF के कमांडो ने भी जवाबी कार्रवाई की, लेकिन सारे नक्सली भाग खड़े हुए.

नक्सली लगातार छत्तीसगढ़ के बीजापुर, नारायणपुर, सुकमा और बस्तर के ITBP, BSF, SSB और CRPF के कैंप्स में रात के वक्त फायरिंग कर रहे हैं. ज्यादातर सुरक्षा बल के जवाबी कार्रवाई करने पर नक्सली भाग खड़े होते हैं. पिछले 10 दिनों से लगातार नक्सलियों के ऐसे पैटर्न देखे जा रहे हैं. सुरक्षा महकमे में चर्चा है कि क्या नक्सली इस तरीके से किसी बड़े हमले की प्लानिंग कर रहे हैं. सूत्रों के मुताबिक नक्सली सुरक्षाबलों के कैंप पर रात में 8 से 10 और 12 से 3 के बीच फायरिंग कर रहे हैं.

TCOC के महीनों में नक्सली करते हैं हमला

सुरक्षा एजेंसियों ने आज तक को एक्सलूसिव जानकारी देते हुए बताया कि नक्सली मार्च से लेकर जून तक टैक्टिकल काउंटर ऑफेंसिव कैम्पेन (TCOC) चला रहे हैं. इसमें उनका मकसद सुरक्षा बलों पर ज्यादा से ज्यादा हमला करना होता है. नक्सलियों ने सिर्फ छत्तीसगढ़ गढ़ के साउथ बस्तर में ही TCOC चलाने का प्लान नहीं बनाया है, बल्कि उन्होंने काफी सालों बाद नए ट्राई जंक्शन के नजदीक सुरक्षा बलों पर हमला करने का प्लान तैयार किया है.

सुरक्षा बलों की रिपोर्ट के रिपोर्ट के मुताबिक नक्सली PLGA BN-1 का कमांडर मांडवी इंदुमल उर्फ 'हिडमा' सुरक्षा बलों से छीने गए हथियार और UBGL/रॉकेट लॉन्चर से हमले की फिराक में है. नक्सली सुरक्षा बलों के साजो सामान और गाड़ियों को भी निशाना बनाने का प्लान बना रहे हैं. नक्सली सुरक्षाबलों की रसद सामग्री के लिए इस्तेमाल होने वाले वाहनों पर देसी रॉकेट लॉन्चर से हमला करने का प्लान भी बना रहे हैं.

अबुझमाड़ के 122 गांवों की होगी मैपिंग

सूत्रों के मुताबिक सिक्योरिटी फोर्स छत्तीसगढ़, उड़ीसा और आंध्र प्रदेश के बॉर्डर पर स्थित 122 गांव (अबूझमाड़) की थर्मल इमेजिंग (मैपिंग) करवा रही है. यह इलाके नक्सलियों से प्रभावित हैं और कई इलाकों में नक्सलियों के बेस भी बने हुए हैं. सिक्योरिटी फोर्स इस इस काम में NTRO की मदद ले रही है. इसका सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि जब भी सिक्योरिटी फोर्स इन इलाकों में ऑपरेशन के लिए निकलेगी उन्हें सारे रास्तों की जानकारी होगी. इससे नक्सलियों के खिलाफ बेहतर ऑपरेशन कोऑर्डिनेट करने में मदद मिलेगी.

बिहार: 5 नक्सलियों के खिलाफ केस दर्ज

राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने बड़ी कार्रवाई करते हुए बिहार के हार्डकोर और खूंखार नक्सलियों और केंद्रीय कमेटी के सदस्य विजय कुमार आर्या समेत 5 माओवादियों के खिलाफ केस दर्ज किया है. NIA के मुताबिक इन सभी नक्सलियों पर यूएपीए सहित कई संगीन धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया है. इनके खिलाफ सुनवाई के लिए NIA की विशेष कोर्ट में इन्हें भेजा गया है. इस मामले में और भी लोग आरोपी बनाए गए हैं, जिसमें भागलपुर के रहने वाले नक्सली रूपेश कुमार सिंह और औरंगाबाद जिले के रफीगंज के रहने वाले अनिल व्यास, रोहतास के समहोता के रहने वाले राजेश गुप्ता और उमेश चौधरी का नाम भी शामिल है.

नाम बदलकर हमले को अंजाम देता था विजय

NIA से जुड़े सूत्रों के मुताबिक विजय कुमार अपना नाम बदलकर लगातार नक्सली गतिविधियों को अंजाम देता था. विजय कुमार की गिरफ्तारी 12 अप्रैल 2020 को समहोता गांव के उमेश चौधरी के घर से की गई थी. आरोपी नक्सली विजय कुमार मूल रूप से गया के कोच थाना क्षेत्र का रहने वाला है. पुलिस की छापेमारी की दौरान माओवादी राजेश गुप्ता तब सुरक्षाबलों से बचकर भाग गया था. रोहतास थाने में यह मामला दर्ज है. पुलिस ने विजय कुमार आर्य, राजेश राय, राजेश गुप्ता और उमेश चौधरी के अलावा अनिल यादव और रुपेश कुमार सिंह पर भी मामला दर्ज किया था. मामले को 26 अप्रैल को सुनवाई के लिए एनआईए कोर्ट भेज दिया गया है. खुफिया विभाग ने नक्सलियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई को देखते हुए हमले का अलर्ट भी जारी किया है.

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