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LAC तक शॉर्टेस्ट रूट खोजने पर जुटे रिटायर्ड BSF अफसर की हिमाचल के पहाड़ों पर मौत

आईटीबीपी ने कहा कि उसकी पेट्रोलिंग पार्टी ने किन्नौर जिले के नेसंग गांव के नजदीक बीएसएफ ऑफिसर को रेस्क्यू किया. ये इलाका एलएसी के नजदीक पड़ता है.

BSF के रिटायर्ड अफसर एससी नेगी (फोटो-ट्विटर) BSF के रिटायर्ड अफसर एससी नेगी (फोटो-ट्विटर)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • रिटॉयर्ड BSF अधिकारी की मौत
  • LAC के लिए खोज रहे थे शॉर्टेस्ट रूट
  • ITBP के जवानों ने किया रेस्क्यू

हिमाचल प्रदेश से चीन के लिए नए रूट की तलाश कर रहे बीएसएफ के एक रिटायर्ड अधिकारी की मौत हो गई. 70 साल के बीएसएफ के रिटायर्ड डीआईजी एस सी नेगी हिमाचल प्रदेश से चीन के लिए शॉर्ट रूट यानी छोटे रास्ते की तलाश कर रहे थे. वे अपनी एक टीम के साथ हिमाचल प्रदेश की पहाड़ियों से चीन के लिए रास्ता खोज रहे थे, लेकिन इस अभियान के दौरान उनकी मौत हो गई. 

अधिकारियों ने बताया कि रिटॉयर्ड अफसर एस सी नेगी ने 1999 में करगिल लड़ाई के दौरान बीएसएफ की एक बटालियन का नेतृत्व किया था. बीएसएफ में 33 साल की सेवा के बाद वे 2010 में रिटायर हो गए थे. 

बीएसएफ ने एक बयान में कहा, "उन्होंने हिमाचल की पहाड़ियों में आखिरी सांस ली, सेवानिवृत होने के बावजूद वे स्वेच्छा से सुरक्षा बलों की एक टीम के साथ चीन के लिए नजदीकी रास्ते की तलाश कर रहे थे".

सीमा सुरक्षा बल ने कहा कि उनकी उम्र को देखते हुए उनके परिवार ने उन्हें सलाह दी थी कि वे इस अभियान पर न जाएं, लेकिन रिटॉयर्ड ऑफिसर ने कहा कि ये उनका आखिरी दौरा होगा. इसके साथ ही वे इस ट्रिप पर निकल पड़े. ये नियति की इच्छा ही थी कि उनके कहे मुताबिक उनका ये दौरा आखिरी दौरा बन गया. 

आईटीबीपी ने कहा कि उसकी पेट्रोलिंग पार्टी ने किन्नौर जिले के नेसंग गांव के नजदीक बीएसएफ अफसर को रेस्क्यू किया. ये इलाका एलएसी के नजदीक पड़ता है. ITBP की पेट्रोलिंग टीम ने बीएसएफ अफसर को बेहोशी की हालत में पाया, उनके शरीर पर कई फ्रैक्चर थे. जब आईटीबीपी के जवान उन्हें इलाज के लिए ले जा रहे थे तो इसी दौरान उनकी मौत हो गई. 

आईटीबीपी के मुताबिक एस सी नेगी का पार्थिव शरीर 18600 फीट की ऊंचाई पर ITBP के पोस्ट पर रखा हुआ है. पार्थिव शरीर को भेजने के लिए हेलिकॉप्टर का इंतजार किया जा रहा है. 

बीएसएफ ने कहा कि 1977 बैच के अफसर एससी नेगी माउंट एवरेस्ट की चोटी पर चढ़ाई करने वाले सबसे बुजुर्ग पुलिस अधिकारी माने जाते हैं. उन्होंने 2006 में 56 साल की उम्र में माउंट एवरेस्ट पर विजय हासिल की थी. वे बीएसएफ की केंद्रीय पर्वतारोही टीम के सीनियर सदस्य भी थे. 

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