राघव चड्ढा ने आम आदमी पार्टी से इस्तीफा देकर बीजेपी का दामन थाम लिया है. इस बीच आम आदमी पार्टी ने सोमवार को उन पर तीखा हमला बोला है. सौरभ भारद्वाज ने उन पर पार्टी के साथ विश्वासघात करने का आरोप लगाया है.
साथ ही सौरभ ने कहा, “अगर आज आपकी शादी हो पाई है, तो वह इसलिए क्योंकि पार्टी ने आपको राज्यसभा के अंदर मेंबर बनाया. वरना कोई आपको पूछता भी नहीं.”
भारद्वाज ने आगे कहा कि चड्ढा को पार्टी छोड़ने का अधिकार था. उन्होंने कहा, “आप पार्टी छोड़ सकते थे, लेकिन आपने साजिश रचने का विकल्प चुना. चाहे आप कितने भी गुस्से में हों, ऐसा नहीं करना चाहिए था.”
सौरभ भारद्वाज ने राघव चड्ढा के पार्टी बदलने की तुलना नौकरी बदलने से करने वाले तर्क पर जवाब देते हुए कहा, जब हम नौकरी बदलते हैं या किसी कंपनी में काम करते हैं, तो उसका विचारधारा से कोई लेना‑देना नहीं होता. आप विचारधारा के कारण किसी पार्टी में शामिल होते हैं और उसी के अनुसार जीवन जीते हैं.
उन्होंने आरोप लगाया कि राघव चड्ढा पिछले एक साल से ज़्यादा समय से बीजेपी के साथ मिलकर काम कर रहे थे.
सौरभ भारद्वाज ने कहा, “एक साल से ज़्यादा समय तक राघव ने बीजेपी की केंद्र सरकार के साथ मिलकर ऐसी छवि बनाने की साजिश की, जिसमें वे एक युवा नेता के तौर पर दिखें जो मिडिल क्लास के मुद्दे उठाता है.”
उन्होंने यह भी दावा किया कि चड्ढा द्वारा उठाए गए कई मुद्दे, जैसे एयरपोर्ट वेंडर्स, मोबाइल रिचार्ज और फूड डिलीवरी प्लेटफॉर्म से जुड़े मामले, सोची‑समझी रणनीति का हिस्सा थे.
भारद्वाज ने आरोप लगाया, केंद्र सरकार ने ये मुद्दे शेयर किए ताकि आप उन्हें उठाएं, आपकी लोकप्रियता बढ़े और आपकी एक न्यूट्रल छवि बन सके.