पंजाब के होशियारपुर से एक बेहद सनसनीखेज मामला सामने आया है. यहां 16 मई को एक पुलिसकर्मी और कैदी के बीच हिंसक झड़प हो गई. इस पुलिसकर्मी ने फायरिंग कर दी, जिसमें कैदी की मौत हो गई. इस पूरी वारदात का सीसीटीवी वीडियो भी सामने आया है.
सीसीटीवी फुटेज में देखा जा सकता है कि पहले सड़क पर खड़े एक ई-रिक्शा के अंदर पुलिसकर्मी और कैदी में झड़प शुरू हुई थी. वीडियो में साफ दिख रहा है कि कैदी बेहद आक्रामक था. वो लगातार पुलिसकर्मी पर जानलेवा हमला कर रहा था.
ई-रिक्शा में शुरू हुई ये मारपीट कुछ ही पलों में इतनी बढ़ गई कि दोनों बाहर आ गए. ई-रिक्शा से निकलने के बाद दोनों के बीच गली पर ही झड़प देखने को मिली.
कैदी ने चाकू से पुलिसकर्मी पर किए वार
वीडियो में देखा जा सकता है कि कैदी लगातार पुलिसकर्मी को अपना निशाना बना रहा था और उस पर चाकू से वार किए जा रहा था. पुलिसकर्मी ने काफी देर तक खुद को बचाने की कोशिश की. लेकिन जब हालात पूरी तरह बेकाबू हो गए और पुलिसकर्मी की जान पर बन आई, तो उसने अपने बचाव में अपनी सर्विस गन से गोली चला दी.
SSP संदीप कुमार मलिक (होशियारपुर) ने 16 मई, 2026 को नसीब सिंह और सीनियर कांस्टेबल जसदीप सिंह से जुड़ी घटना का ऑफिशियल पुलिस ब्यौरा दिया. उन्होंने बताया कि शनिवार दोपहर करीब 1:30 बजे, चार पुलिसवाले तीन कैदियों को सेंट्रल जेल, होशियारपुर से ले गए, जिसमें कोटला गौंसपुर/कोटला गौंसपुर गांव, होशियारपुर का रहने वाला नसीब सिंह भी शामिल था.
भागने की कोशिश कर रहा था कैदी
कोर्ट में पेशी से पहले उन्हें रूटीन मेडिकल चेक-अप के लिए सिविल हॉस्पिटल ले जाया गया. चेक-अप के बाद, जब टीम कैदियों को वापस ले जा रही थी, तो नसीब सिंह जो मर्डर, अटेम्प्ट टू मर्डर और NDPS एक्ट के 7 क्रिमिनल केस में बंद एक कैदी है, उसने हथकड़ी लगे होने के बावजूद भागने की कोशिश की.
सीनियर कांस्टेबल जसदीप सिंह को अस्थमा है और वो नसीब के साथ ई-रिक्शा में थे. नसीब ने कांस्टेबल पर कई बार धारदार हथियार से हमला किया, जिससे वो घायल हो गया. हाथापाई के दौरान, नसीब ने बार-बार कांस्टेबल का सर्विस हथियार छीनने की भी कोशिश की.
इस लड़ाई में दोनों जमीन पर गिर गए. इसी दौरान आरोपी को गोली लगी और वो घायल हो गया और उसकी मौत हो गई, जबकि पुलिस वाले के चेहरे, हाथ और पैरों में चोट आई. फिलहाल वो खतरे से बाहर है.
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मामले की जांच के लिए बनाई गई SIT
पुलिस ने इस मामले की जांच के लिए एक स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम बनाई है. वो जांच कर रहे हैं कि नसीब को धारदार हथियार कैसे मिला. SSP ने कन्फर्म किया कि कैदियों को कोर्ट में पेशी से पहले रेगुलर तौर पर मेडिकल जांच के लिए ले जाया जाता है. ये एक स्टैंडर्ड प्रोसेस है.