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पुणे में विंटेज कारों का अनोखा म्यूजियम, एक से बढ़कर एक 40 नायाब कारें

म्यूजियम के कलेक्शन में सबसे पुरानी कार 1927 मॉडल शेवरले स्पार्क हैं जो कंवर्टिबल है. यहां 1934 की ऑस्टिन भी देखी जा सकती है. इस कलेक्शन में दिवंगत अभिनेता विनोद खन्ना की दो दरवाजे वाली मर्सडीज बेंज (1982) भी शामिल हैं.

पुणे में विंटेज कारों का अनोखा म्यूजियम पुणे में विंटेज कारों का अनोखा म्यूजियम
स्टोरी हाइलाइट्स
  • इंदिरा गांधी की इस्तेमाल की गई 58 साल पुरानी कार भी शामिल
  • सरकारी नीलामी में 65 लाख में खरीदी गई थी
  • बॉलीवुड और हॉलीवुड स्टार्स की इस्तेमाल कारें कलेक्शन की शोभा

पुणे शहर में क्लासिक और विंटेज कारों का म्यूजियम लोगों के आकर्षण का केंद्र बना हुआ है. यहां एक से बढ़ कर एक 40 से ज्यादा क्लासिक और विंटेज कारों का कलेक्शन है. इनमें 1963 की वो लाल इम्पाला कार भी है जिसे दिवंगत प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी इस्तेमाल किया करती थीं. इस कार को सरकारी नीलामी में 65 लाख रुपए में 17 साल पहले खरीदा गया था. आज भी ये कार बहुत अच्छी कंडीशन में हैं. 

पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी करती थीं इस्तेमाल

ये म्यूजियम पुणे के लुल्ला नगर में माउंट कारमेल स्कूल के पास बेवरले हिल्स होटल प्लॉट नंबर 178 में स्थित है. क्लासिक और विंटेज कारों के इस म्यूजियम को कारोबारी सुभाष सणस चलाते हैं. रविवार को छोड़कर इस म्युजियम को आम लोग हफ्ते में किसी भी दिन देख सकते हैं. लेकिन इसके लिए पहले म्यूजियम को सूचना देनी पड़ती है. म्यूजियम में एंट्री मुफ्त है. कारों के प्रति लगाव ने सुभाष सणस को ये म्यूजियम बनाने की प्रेरणा दी.  

म्यूजियम के कलेक्शन में सबसे पुरानी कार 1927 मॉडल शेवरले स्पार्क हैं जो कंवर्टिबल है. यहां 1934 की ऑस्टिन भी देखी जा सकती है. इस कलेक्शन में दिवंगत अभिनेता विनोद खन्ना की दो दरवाजे वाली मर्सडीज बेंज (1982) भी शामिल हैं.  

हॉलीवुड स्टार अल पचीनो की 2 डोर वाली स्पोर्ट्स मर्सिडीज, लंदन टैक्सी के अलावा म्यूजियम के कलेक्शन में अमेरिकी और जर्मन पुलिस की आधिकारिक कारें भी देखी जा सकती हैं. दिवंगत अभिनेता राजेन्द्र कुमार की 280S क्लास मैन्युअल मर्सेडीज़ बेंज 1977 मॉडल भी यहां देखी जा सकती है.

राजेश खन्ना की शेवरलेट नोवा भी यहाँ संजोकर रखी हुई है. शिव सेना संस्थापक बाला साहेब ठाकरे की बुलेट प्रूफ फुल्ली ऑटोमैटिक S क्लास मर्सेडीज़ भी म्यूजियम में मौजूद है. , इस कार के हेडलाइट पर भी वायपर लगे हुए हैं.  

कारों के अलावा यहां 7 विन्टेज स्कूटर एंड बाइक्स भी मौजूद है.  मशहूर फिल्म ‘बॉबी’ में ऋषि कपूर ने जिस बॉबी मोटरसाइकिल को चलाया था वो भी इस म्यूजियम की शान है. कमल हसन की ओर से साउथ की फिल्मों में चलाया गया लम्ब्रेटा भी यहां मौजूद है.   

कौन हैं सुभाष सणस? 

सुभाष सणस के पिता बाबूराव सणस पुणे के पहले मेयर रहे हैं. उनके नाम से शहर में अनेक स्कूल और प्लेग्राउंड हैं. 65 साल के सुभाष ने आजतक को बताया के उन्हें विंटेज गाड़ियों के कलेक्शन का चस्का 23 साल की उम्र में लगा. 1976 में उन्होंने पहली विंटेज कार खरीदी- 1934 की बनी ऑस्टिन. इस कार के इंजिन शुरू करने के लिए हैंडल से इंजिन को घुमाना पड़ता था.  

इस म्यूजियम के रखरखाव पर ही काफी खर्च आता है. सुभाष सणस का यह शौक पूरा करना पुश्तैनी प्रॉपर्टीज और बड़े बिजनेस की वजह से संभव हो पाया है. इस म्यूज़ियम में सभी कारों, बाइक्स के रखरखाव की जिम्मेदारी रफीक शेख नाम के शख्स पर है. 

 

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