राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद ने दिल्ली विश्वविद्यालय (डीयू) के वाइस चांसलर प्रोफेसर योगेश त्यागी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है. साथ ही राष्ट्रपति ने डीयू में प्रशासनिक अनियमितताओं को लेकर योगेश त्यागी के खिलाफ जांच के आदेश दिए हैं.
केंद्रीय शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने प्रशासनिक स्तर पर अनियमितता के मामले में राष्ट्रपति से योगेश त्यागी के खिलाफ जांच की अनुमति मांगी थी. इसके बाद राष्ट्रपति ने इस मामले में जांच की इजाजत दी है. प्रोफेसर योगेश त्यागी 10 मार्च 2016 से दिल्ली विश्वविद्यालय में वाइस चांसलर का कार्यभार संभाल रहे थे.
President Ram Nath Kovind in his capacity as Visitor of the Delhi University (DU) places Vice-Chancellor Professor Yogesh Tyagi under suspension with immediate effect and orders enquiry into allegations of dereliction of duties against him. pic.twitter.com/Nj9GltxKc9
— ANI (@ANI) October 28, 2020
बताया जा रहा है कि वाइस चांसलर के खिलाफ प्रशासनिक अनियमितताओं की शिकायतों को लेकर शिक्षा मंत्री ने इस मामले में जांच करने का फैसला लिया था. इसके बाद शिक्षा मंत्री ने योगेश त्यागी के खिलाफ शिकायतों की जांच के लिए राष्ट्रपति से अनुमति मांगी थी.
शिक्षा मंत्रालय की तरफ से जारी पत्र में कहा गया है कि प्रोफेसर योगेश त्यागी अपने कर्तव्यों का निर्वहन करने में विफल रहे. उन्होंने वाइस चांसलर के रूप में अपने कर्तव्यों का निर्वहन ठीक से नहीं किया. उनके कार्यकाल के दौरान कई प्रमुख पद रिक्त रहे. इन रिक्त पदों को भरने के लिए मंत्रालय के स्पष्ट मैसेज के बावजूद उन्हें भरा नहीं गया. पत्र में कहा गया है कि शिक्षा मंत्री और उच्च शिक्षा सचिव के साथ कई बैठकों के बावजूद इस दिशा में कोई ठोस प्रगति नहीं हुई.
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एक्शन लिए जाने की वजहों को बताते हुए शिक्षा मंत्रालय के पत्र में कहा गया है कि विश्वविद्यालय में यौन उत्पीड़न के मामले दो साल से लंबित हैं, जबकि शिक्षा मंत्रालय लगातार इन मामलों पर नजर रखे हुए है. लेकिन संबंधित एक्ट के तहत दो साल के भीतर इन मामलों को न निपटाना असंवेदनशीलता को दर्शाता है.
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