प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए सरदार वल्लभभाई पटेल पुलिस अकादमी के दीक्षांत परेड समारोह में शामिल हुए. पीएम मोदी ने प्रोबेशनर आईपीएस अधिकारियों के साथ बातचीत करते हुए कहा कि मैं सभी नए पुलिस अधिकारियों से कहना चाहूंगा कि आप अपनी सेवा के शुरु के दिनों में ही जितना अधिक जागरूक रह सकें, उतना रहिएगा.
प्रोबेशनर आईपीएस अधिकारियों से पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि आपको चाहे शुरु में कष्ट सहने पड़े, लेकिन अपने कान से, अपनी आंख से और अपने दिमाग से चीजों को समझने का प्रयास कीजिएगा. आप तय कीजिए कि आपके आस पास के थाने सामाजिक विश्वास का केंद्र कैसे बने, इसके लिए प्रयास करें. आप तय करें कि व्यवस्था को, वातावरण को आप बदलेंगे.
पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि क्या कभी हमने अपने थाने के कल्चर पर बल दिया है? हमारा थाना सामाजिक विश्वास का केंद्र कैसे बनें? आपके अंदर में जितने भी थाने आएं वहां बदलाव लाने की एक लिस्ट तैयार करें, व्यक्ति को बदल पाऊं या न पाऊं लेकिन व्यवस्था को और एनवायरनमेंट को बदल सकता हूं, ये आपकी प्राथमिकता रहनी चाहिए.
पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि सामान्य मानवी पर आपने प्रभाव पैदा करना है या प्रेम का सेतु जोड़ना है. ये आप तय कर लीजिए. प्रभाव पैदा करेंगे तो उसकी उम्र बहुत कम होती है. प्रेम का सेतु बनाएंगे तो आपके रिटायरमेंट के बाद भी आपको लोग याद करेंगे. लोकतंत्र में दल कोई भी हो, जन प्रतिनिधि का एक बड़ा महत्व होता है.
आईपीएस अफसरों को टिप्स देते हुए पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि तकनीक ने हमारी बहुत मदद की है. केस को सुलझाने में भी तकनीक बहुत मदद कर रही है. लेकिन पुलिस के लोग आजकल जो सस्पेंड होते हैं तो उसका एक कारण भी तकनीक है. आपको इस पर बल देना होगा कि तकनीक का कैसे ज्यादा से ज्यादा सकारात्मक उपयोग हो.
पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि ट्रेनिंग का बहुत बड़ा महत्व होता है. ज्यादातर हमारे देश में सरकारी मुलाजिम के लिए ट्रेनिंग को पनिशमेंट माना जाता है. हमने ट्रेनिंग को इतना नीचे कर दिया है जो हमारी सारी गुड गवर्नेंस की जड़ में है. इसमें से हमको बाहर आना होगा.