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G-20 समिट में गूंजा मोदी मंत्र, कोरोना के खिलाफ साझा जंग पर जोर, टैलेंट पूल बनाने का दिया सुझाव

प्रधानमंत्री मोदी ने जी-20 देशों के शिखर सम्मेलन में अपने संबोधन में COVID-19 महामारी को मानवता के इतिहास में एक महत्वपूर्ण मोड़ बताया और दूसरे विश्व युद्ध के बाद से दुनिया के सामने सबसे बड़ी चुनौती करार दिया. उन्होंने जी 20 द्वारा निर्णायक कार्रवाई का आह्वान भी किया.

PM नरेंद्र मोदी (फाइल-पीटीआई) PM नरेंद्र मोदी (फाइल-पीटीआई)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • जी-20 देशों के नेताओं की इस साल यह दूसरी बैठक
  • दो दिवसीय जी-20 शिखर सम्मेलन वर्चुअल होगा
  • PM मोदी का जी 20 से निर्णायक कार्रवाई का आह्वान

कोरोना संकट के बीच शुरू हुए 15वें जी-20 शिखर सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि दूसरे विश्व युद्ध के बाद कोरोना दुनिया के लिए सबसे बड़ी चुनौती है. उन्होंने कोरोना के बाद की दुनिया के लिए एक नए वैश्विक सूचकांक का आह्वान किया जिसमें चार प्रमुख तत्व शामिल किए. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भी इस सम्मेलन में शामिल हुए. सम्मेलन की अध्यक्षता सऊदी अरब के किंग सलमान कर रहे हैं.

प्रधानमंत्री मोदी ने कोरोना के बाद दुनिया के लिए एक नए वैश्विक सूचकांक का आह्वान किया जिसमें चार प्रमुख तत्व शामिल हैं - एक विशाल टैलेंट पूल का निर्माण हो जिसमें यह सुनिश्चित करना कि प्रौद्योगिकी समाज के सभी तबके तक पहुंचे. शासन की प्रणालियों में पारदर्शिता और ट्रस्टीशिप की भावना के साथ धरती माता की सेवा की जाए. इसके आधार पर जी 20 एक नई दुनिया की नींव रख सकता है.

मानवता के इतिहास में महत्वपूर्ण मोड़ः PM मोदी 

पीएम नरेंद्र मोदी ने सऊदी अरब और उसके नेतृत्व को इस साल जी 20 की सफल अध्यक्षता के लिए बधाई दी और COVID-19 महामारी द्वारा उत्पन्न चुनौतियों और बाधाओं के बावजूद 2020 में दूसरे जी 20 शिखर सम्मेलन के आयोजन के वर्चुअल आयोजन के लिए भी बधाई दी.

प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में COVID-19 महामारी को मानवता के इतिहास में एक महत्वपूर्ण मोड़ बताया और दूसरे विश्व युद्ध के बाद से दुनिया के सामने सबसे बड़ी चुनौती करार दिया. उन्होंने जी 20 द्वारा निर्णायक कार्रवाई का आह्वान किया, जो केवल आर्थिक सुधार, नौकरियों और व्यापार तक सीमित नहीं हो, बल्कि पूरी पृथ्वी के संरक्षण पर ध्यान केंद्रित करने हो क्योंकि हम सभी मानवता के भविष्य के ट्रस्टी हैं.

इससे पहले शिखर सम्मेलन की शुरुआत आज शनिवार को हो गई. सऊदी अरब के किंग सलमान ने अपनी शुरुआती भाषण में कहा, "हमारा कर्तव्य है कि हम इस शिखर सम्मेलन के दौरान चुनौती का सामना करें तथा आशा और आश्वासन का एक मजबूत संदेश दें. कोविड-19 महामारी से एक अभूतपूर्व झटका लगा है जिसने कुछ ही समय में पूरी दुनिया को प्रभावित कर डाला, जिससे वैश्विक स्तर पर आर्थिक और सामाजिक नुकसान हुआ है."

शिखर सम्मेलन को 'सभी के लिए 21वीं सदी के अवसरों का एहसास' विषय पर आयोजित किया जा रहा है. 21-22 नवंबर तक चलने वाला यह दो दिवसीय शिखर सम्मेलन वर्चुअल हो रहा है.

जी-20 देशों के नेताओं की इस साल यह दूसरी बैठक है. इससे पहले इसी साल मार्च में बैठक हुई थी. आज से शुरू हो रहे जी-20 शिखर सम्मेलन का फोकस कोरोना महामारी के प्रभावों, भविष्य की स्वास्थ्य सुरक्षा योजनाओं और वैश्विक अर्थव्यवस्था को पुनर्जीवित करने के कदमों पर होगा. 

राष्ट्रपति ट्रंप भी होंगे शामिल
दूसरी ओर, व्हाइट हाउस ने भी ऐलान किया है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप शनिवार और रविवार को वर्चुअल तरीके से होने वाले जी-20 शिखर सम्मेलन में भाग लेंगे. दुनियाभर के नेता कोविड-19 महामारी को रोकने की कोशिश कर रहे हैं और इसी बीच यह शिखर सम्मेलन आयोजित किया जा रहा है.

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जी-20 शिखर सम्मेलन के दौरान वैश्विक नेता महामारी को लेकर तैयारियों पर चर्चा करेंगे. इस दौरान एक समावेशी, टिकाऊ और बेहतर भविष्य बनाने के लिए नेता अपना दृष्टिकोण भी साझा करेंगे.

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