हनुमान चालीसा विवाद को लेकर कांग्रेस के प्रवक्ता पवन खेड़ा ने कहा कि आप घर में इसे पढ़िए न, कौन रोकने जा रहा है. आप किसी और मजहब की रवायत को देख अपने धर्म की परंपराएं बदल देंगे? पाकिस्तान में कुछ हो रहा होगा, अफगानिस्तान में कुछ हो रहा होगा तो क्या यहां भी आप यही करोगे. उन्होंने कहा कि ये धर्म के ठेकेदार बने बैठे हैं.
कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि आप उनको 2014 के पहले के पुराने भाषण याद दिलाइए न, उनको नींद कैसे आएगी. उन्होंने कहा कि 2014 के चुनाव में ये नारा लगाते थे- 'पेट्रोल पार, अबकी बार मोदी सरकार', 'डॉलर पार, अबकी बार मोदी सरकार' जैसे नारे लगाए जाते थे. आज याद दिलाइए न इन नारों को.
पवन खेड़ा ने '...महंगाई डायन खाए जात है' गाने का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा कि यदि ये झूठे वादे हमने किए होते तो हमको तो नींद नहीं आती. पवन खेड़ा ने कहा कि बीजेपी की सरकार इन मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए ही ये सब कर रही है. उन्होंने कहा कि मोदी सरकार बनने के बाद रामनवमी, हनुमान जयंती, हर मौके पर दिक्कत क्यों हो रही है.
कांग्रेस प्रवक्ता ने आजतक पर कहा कि इन सब पचड़ों में हमें नहीं पड़ना चाहिए. उन्होंने साथ ही ये भी कहा कि जो लोग मस्जिद के बाहर खड़े होकर गाली दे रहे हों, उनको हम हिंदू नहीं मानते. हम सबको नियम मानने चाहिए. पवन खेड़ा ने बीजेपी पर हमला बोलते हुए कहा कि इन्होंने 2012 में नागपुर नगर निगम पर मुस्लिम लीग के साथ मिलकर शासन किया. इनका कोई दीन-ईमान और मजहब है ही नहीं.
हिंदू होने का सर्टिफिकेट देना बंद करे बीजेपी
उन्होंने कहा कि बीजेपी के लोग अपने आपको हिंदू होने का सर्टिफिकेट देना बंद करें. हिंदू का सर्टिफिकेट हमसे लें. हर गली में झगड़ा आपकी पहचान है. इनको इतिहास भूगोल का ज्ञान नहीं है. अखंड भारत लाने की बात करते हैं. 15 फीसदी को तो बर्दाश्त नहीं कर पा रहे, 45 फीसदी को कैसे करोगे. पवन खेड़ा ने सोनिया गांधी पर विदेशी मूल को लेकर हमले पर पलटवार करते हुए कहा कि बीजेपी तो आडवाणी को भी पाकिस्तानी मान लेगी.
मोहन भागवत की सिक्योरिटी पर उठाए सवाल
कांग्रेस प्रवक्ता ने संघ पर भी हमला बोला और मोहन भागवत की जेड सिक्योरिटी पर सवाल उठाए. उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी आज भी किसी के साथ मिलकर देश का नुकसान कर रही है. उन्होंने चेतावनी दी कि सरकार बदलने पर इनमें से अच्छे-अच्छों को जेल जाना पड़ेगा.