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कैमरे में दिखी क्रूरता! बैंक में एक घंटे तक भटका ओडिशा का जीतू मुंडा, फिर थक-हारकर ले आया बहन का 'कंकाल'

ओडिशा के क्योंझर जिले के 'कंकाल कांड' की RDC स्तर की जांच शुरू हो गई है. इस घटना में एक भाई ने अपनी बहन की मौत साबित करने के लिए उसकी कब्र खोदकर उसके कंकाल को बैंक तक पहुंचाया था.

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ओडिशा कंकाल कांड में बैंक अधिकारियों की बढ़ी मुश्किलें.(Photo:ITG)
ओडिशा कंकाल कांड में बैंक अधिकारियों की बढ़ी मुश्किलें.(Photo:ITG)

ओडिशा के क्योंझर जिले की घटना ने मानवीय संवेदनाओं और बैंकिंग सिस्टम पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. एक भाई को अपनी मृत बहन के बैंक खाते से पैसे निकालने के लिए उसकी दो महीने पुरानी कब्र खोदकर उसका कंकाल बैंक तक ले जाना पड़ा. इस सनसनीखेज मामले के तूल पकड़ने के बाद अब उत्तरी संभाग के RDC संग्राम केशरी महापात्र ने मामले की हाई लेवल जांच शुरू कर दी है.

यह घटना पटना पुलिस थाना क्षेत्र के मल्लिपोसी गांव की है. दियानाली निवासी जीतू मुंडा की बहन कालरा मुंडा की करीब दो महीने पहले मृत्यु हो गई थी. जीतू अपनी बहन के खाते से पैसे निकालने के लिए बार-बार ओडिशा ग्राम्य बैंक के चक्कर काट रहा था. उसने अधिकारियों को बहन की मौत की सूचना दी, लेकिन बैंक कर्मचारियों ने 'नो योर कस्टमर' (KYC) नियमों का हवाला देते हुए खाताधारक यानी मृतक बहन को व्यक्तिगत रूप से हाजिर होने पर जोर दिया. 

मजबूरी और हताशा
बैंक की ओर से लगातार मिल रहे इनकार से हताश होकर जीतू ने अपनी बहन के शव को कब्र से बाहर निकाला और विरोध स्वरूप उसके कंकाल को बैंक की दहलीज पर लाकर रख दिया.

यह भी पढ़ें: 'हमने डेथ सर्टिफिकेट मांगा, नशे में धुत भाई ले आया कंकाल', बैंक ने दी सफाई; अब जीतू मुंडा को मिले ₹39000

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हालांकि, बैंक का अपनी सफाई में कहना है कि जीतू मुंडा से बहन का मृत्यु प्रमाण पत्र मांगा गया था. लेकिन नशे की हालत में आए जीतू ने नियमों को समझने के बजाय हंगामा शुरू कर दिया था. बाद में वह अपनी मृत बहन के कंकाल ले आया.

RDC की जांच
जांच अधिकारी संग्राम केशरी महापात्र ने कलेक्टर विशाल सिंह और अन्य जिला अधिकारियों के साथ मौके का मुआयना किया. शुरुआती जांच में चौंकाने वाली बातें सामने आई हैं. 

CCTV फुटेज का खुलासा
RDC संग्राम केशरी महापात्र ने कहा कि जांच अभी जारी है. शुरुआती निष्कर्ष और CCTV फुटेज बैंक अधिकारियों की ओर से हुई चूकों की ओर इशारा करते हैं. हालांकि फुटेज में कोई ऑडियो नहीं है, लेकिन यह दिखाता है कि वह व्यक्ति बैंक में लगभग एक घंटा रुका रहा और उसे कई अधिकारियों के पास भेजा गया. वहां से निकलने से पहले वह साफ रूप से हताश दिख रहा था, जिसके बाद उसने यह अतिवादी कदम उठाया.

जांच अधिकारी ने आगे कहा कि बैंक अधिकारी जीतू और उसकी बहन से पहले से परिचित थे, क्योंकि उन्होंने पहले भी उस खाते से पैसे निकालने में मदद की थी, लेकिन कथित तौर पर इस बार सहयोग नहीं किया.

अब एक्शन की तैयारी
प्रशासन अब उन घटनाओं के क्रम की जांच कर रहा है जिनके कारण यह भयावह स्थिति पैदा हुई. अधिकारियों का कहना है कि बैंक में प्रक्रियाओं को संभालने के तरीके की बड़ी समीक्षा की जा रही है और दोषी कर्मचारियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी.

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