असम के मोरीगांव जिले में शनिवार को पुलिस ने एक गुप्त अभियान के तहत अवैध रूप से रह रहे नौ बांग्लादेशी नागरिकों को गिरफ्तार किया है. पुलिस के मुताबिक, ये सभी पहले ही फॉरेनर्स ट्राइब्यूनल द्वारा विदेशी नागरिक घोषित किए जा चुके थे लेकिन लंबे समय से गिरफ्तारी से बचते फिर रहे थे.
मोरीगांव बॉर्डर पुलिस ब्रांच ने इन सभी को जिले के विभिन्न इलाकों में छिपे होने की गुप्त सूचना पर कार्रवाई करते हुए पकड़ा. गिरफ्तारियों की पुष्टि करते हुए पुलिस ने बताया कि दो-दो व्यक्तियों को मोरीगांव, मिकिरभेटा और धरमतुल थाना क्षेत्रों से पकड़ा गया है, जबकि एक-एक व्यक्ति को जागीरोड, मायोंग और लाहोरिघाट थाना क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया है.
पुलिस का कहना है कि गिरफ्तार किए गए व्यक्तियों में से दो ने फॉरेनर्स ट्राइब्यूनल के फैसले के खिलाफ गुवाहाटी हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी, लेकिन हाईकोर्ट ने भी उनकी अपील को खारिज कर दिया. इसके बावजूद ये सभी देश में अवैध रूप से रह रहे थे और कानून से बचने की कोशिश कर रहे थे.
फिलहाल सभी आरोपियों से पुलिस पूछताछ कर रही है. पुलिस यह जानने की कोशिश कर रही है कि वो कब और कैसे भारत में दाखिल हुए, यहां कैसे रह रहे थे, और क्या किसी स्थानीय नेटवर्क से उनका कोई संबंध था.
इस कार्रवाई को असम पुलिस द्वारा राज्य में अवैध घुसपैठ और राष्ट्रीय सुरक्षा के प्रति सजगता का हिस्सा बताया जा रहा है. सरकार की ओर से पिछले कुछ महीनों में अवैध विदेशी नागरिकों के खिलाफ कार्रवाई तेज की गई है, विशेषकर उन लोगों के खिलाफ जिन्हें फॉरेनर्स ट्राइब्यूनल ने पहले ही दोषी ठहरा दिया है.
पुलिस ने संकेत दिए हैं कि आगे भी ऐसे और ऑपरेशन जारी रहेंगे और अवैध रूप से रह रहे किसी भी विदेशी नागरिक को बख्शा नहीं जाएगा. राज्य सरकार पहले भी कह चुकी है कि वह असम की जनसांख्यिकी को प्रभावित कर रहे अवैध घुसपैठियों को हटाने के लिए कटिबद्ध है.