दिल्ली सरकार ने एक्साइज पॉलिसी में कई बड़े बदलाव किए हैं. अब दिल्ली में शराब की दुकानें सरकार नहीं चलाएगी. यानी, अब यहां सरकारी ठेके नहीं होंगे. नई पॉलिसी में दिल्ली में शराब खरीदने की लीगल उम्र भी घटा दी गई है. पहले यहां शराब खरीदने की लीगल उम्र 25 साल थी, जो अब 21 साल कर दी गई है. यानी, 21 साल से कम उम्र के लोग शराब नहीं खरीद सकेंगे. वहीं, नई पॉलिसी में बदलाव को लेकर विपक्ष हमलावर हो गया है.
भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष आदेश गुप्ता ने केजरीवाल सरकार की नई एक्साइज पॉलिसी के तहत उम्र सीमा को घटाने पर कड़ी आपत्ति जताते हुए कहा कि आम आदमी पार्टी की सरकार पूरी तरह से दिल्ली को बर्बाद करने पर लगी हुई है. मंगलवार को आदेश गुप्ता दिल्ली के उपराज्यपाल से मिलेंगे.
आदेश गुप्ता ने केजरीवाल द्वारा साल 2014 में किए गए वादों को याद दिलाते हुए कहा कि क्या हुआ उन वादों का जब केजरीवाल कहते थे कि हमारी सरकार दिल्ली में आएगी तो पहला काम युवाओं को नशामुक्त करेंगे और आज सच्चाई सबके सामने है. इससे लगभग 1500 से 2000 करोड़ रुपये अतिरिक्त आय होने वाली है. कांग्रेस नेता अल्का लांबा ने भी नई एक्साइज पॉलिसी को लेकर केजरीवाल सरकार पर हमला बोला.
आदरणीय साहब, आपसे निवेदन है कि मुख्यमंत्री केजरीवाल जी द्वारा पर थोपे जाने वाली घातक शराब नीति को तुरन्त प्रभाव से निरस्त किया जाए,मात्र अपना खज़ाना भरने और शराब के ग्राहक बढ़ाने के लिए शराब पीने की उम्र को 25 से घटा कर 21 किए जाना कितना जायज है?
— Alka Lamba - अल्का लाम्बा 🇮🇳🙏 (@LambaAlka)
उन्होंने कहा कि उपराज्यपाल को दिल्ली पर थोपे जाने वाली घातक शराब नीति को तुरंत प्रभाव से निरस्त करना चाहिए. मात्र अपना खजाना भरने और शराब के ग्राहक बढ़ाने के लिए शराब पीने की उम्र को 25 से घटा कर 21 किए जाना कितना जायज है?