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Bullet Train: मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन का इंतजार? रेल मंत्रालय ने बताया कहां तक पहुंचा प्रोजेक्ट का काम

Ministry of Railway Tweet: रेल मंत्रालय के मुताबिक, 118 किलोमीटर से अधिक की दूरी के लिए जमीनी ढांचा तैयार किया जा रहा है और बुलेट ट्रेन स्टेशन के निर्माण का काम भी शुरू हो गया है. ऐसा लगता है कि महाराष्ट्र में सरकार बदलने के साथ, वन मंजूरी और भूमि अधिग्रहण के मामले में परियोजना की मुश्किलें दूर हो गई हैं.

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Bullet Train Project (Photo-Railways Tweet)
Bullet Train Project (Photo-Railways Tweet)

रेलवे अपनी सुविधाओं को तेजी से अपग्रेड कर रहा है, कई वंदे भारत ट्रेनों की शुरुआत हो चुकी है और सुविधाओं को बेहतर बनाने पर भी लगातार काम जारी है. हालांकि, देशवासियों को अब भी बुलेट ट्रेन का बेसब्री से इंतजार है. मुंबई और अहमदाबाद (Mumbai and Ahmedabad ) के बीच रेलवे की महत्वाकांक्षी बुलेट ट्रेन परियोजना पर काम तेज हो गया है. रेल मंत्रालय ने सोमवार को दावा किया है कि इस परियोजना के लिए महाराष्ट्र में 98 प्रतिशत से अधिक जमीन का अधिग्रहण कर लिया गया है.

रेल मंत्रालय ने कहा कि 118 किलोमीटर से अधिक की दूरी के लिए जमीनी ढांचा तैयार किया जा रहा है और बुलेट ट्रेन स्टेशन के निर्माण का काम भी शुरू हो गया है. ऐसा लगता है कि महाराष्ट्र में सरकार बदलने के साथ, वन मंजूरी और भूमि अधिग्रहण के मामले में परियोजना की मुश्किलें दूर हो गई हैं.

सिलसिलेवार ट्वीट में मंत्रालय ने जानकारी दी कि जहां महाराष्ट्र में 98.22 प्रतिशत भूमि का अधिग्रहण हो चुका है. तो वहीं, गुजरात में 98.87 प्रतिशत भूमि का अधिग्रहण किया गया है. इसके अलावा दादरा और नगर हवेली में परियोजना के लिए शत-प्रतिशत भूमि का अधिग्रहण हो चुका है. मंत्रालय ने कहा कि 23 नवंबर तक कार्य में प्रगति 24.1 प्रतिशत थी, जबकि गुजरात में लगभग 30 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है, जबकि महाराष्ट्र में अब तक लगभग 13 प्रतिशत काम पूरा हुआ है.

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बता दें कि मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन परियोजना (Mumbai-Ahmedabad bullet train project) 508 किलोमीटर की है और इसका अधिकतर हिस्सा गुजरात में पड़ता है. परियोजना की कार्यान्वयन एजेंसी नेशनल हाई स्पीड रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (NHSRCL) को महाराष्ट्र में बांद्रा-कुर्ला कॉम्प्लेक्स और ठाणे, विरार तथा बोइसर में नेटवर्क विकसित करना है.

अधिकारियों ने कहा कि गुजरात में लगभग सभी सिविल कार्य की जिम्मेदारी सौंपी जा चुकी है, साथ ही पाया और नदियों के सभी छोटे और बड़े पुलों का निर्माण किया गया है. खंभों पर ऊपरी ढांचा लगाने का काम भी शुरू हो गया है. बांद्रा-कुर्ला कॉम्प्लेक्स (Bandra-Kurla Complex) में बुलेट ट्रेन स्टेशन और भूमिगत सुरंग के निर्माण के लिए अनुबंध भी दे दिया गया है.

अधिकारियों ने कहा कि खंभों और ऊपरी ढांचे से जुड़ा कार्य जल्द ही गुजरात की तरह महाराष्ट्र में भी दिखाई देगा. गुजरात में आणंद, सूरत, वडोदरा, भरूच, विलिमोरा, वापी और नवसारी जिलों में बुलेट ट्रेन स्टेशन का निर्माण शुरू हो गया है.

 

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