आपने अभी जनगणना तो सुनी होगी, लेकिन देश में पहली बार जल निकायों यानी वॉटरबॉडीज की गणना भी करवाई गई है. केंद्र सरकार की ओर से कराई गई इस गणना में चौंकाने वाले आंकड़े सामने आए हैं. इस रिपोर्ट को हाल ही में जल शक्ति मंत्रालय की ओर से जारी किया गया है. इसके मुताबिक भारत में तालाबों, टैंकों और झीलों जैसे 24.24 लाख जल निकाय हैं, जिनमें सबसे ज्यादा (7.47 लाख) पश्चिम बंगाल और सबसे कम 134 सिक्किम में हैं.
सेंसस में नेचुरल और मानव निर्मित वॉटर बॉडीज को शामिल किया गया है, लेकिन ऐसे सभी जल निकायों में से सिंचाई, सप्लाई, चिनाई, औद्योगिक, मत्स्यपालन, घरेलू, पेयजल समेत किसी काम के लिए पानी का इस्तेमाल नहीं किया जाता है.
- एक अंग्रेजी अखबार में छपी रिपोर्ट के मुताबिक देशभर में 24,24,540 जल निकायों की गणना की गई है, इनमें से 97.1% यानी 23,55,055 जल निकाय ग्रामीण क्षेत्रों में और केवल 2.9% यानी 69,485 शहरी क्षेत्रों में हैं.
- देशभर में 59.5 प्रतिशत यानी 14,42,993 तालाब हैं, इसके बाद 15.7 प्रतिशत यानी 3,81,805 टैंक हैं. 12.1 प्रतिशत यानी 2,92,280 जलाशय, 9.3% यानी 2,26,217 बांध, 0.9% यानी 22,361 झीलें और 2.5% यानी 58,884 अन्य जल निकाय हैं.
- रिपोर्ट के अनुसार पश्चिम बंगाल में सबसे ज्यादा तालाब और जलाशय हैं, जबकि आंध्र प्रदेश में सबसे अधिक टैंक हैं. तमिलनाडु में सबसे ज्यादा झीलें हैं और महाराष्ट्र जल संरक्षण योजनाओं में अग्रणी राज्य है.
- पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना में सबसे ज्यादा 3.55 लाख जल निकाय हैं. पश्चिम बंगाल के अलावा, छह अन्य राज्यों में एक लाख से अधिक जल निकाय हैं, जबकि चार राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में प्रत्येक में 1,000 से कम जल निकाय हैं.
- गणना में पहली बार जलाशयों के अतिक्रमण के आंकड़े भी जुटाए गए हैं. 1.6% जल निकायों का अतिक्रमण किया गया है. इनमें से 95.4% ग्रामीण क्षेत्रों में हैं, शेष 4.6% शहरी क्षेत्रों में हैं.
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