
कोरोना काल में चीन के साथ भारत के संबंध बेहद तनावपूर्ण रहे और इसकी सबसे बड़ी वजह रही पिछले साल जून में गलवान घाटी में चीनी सैनिकों के साथ हुई हिंसक झड़प में 20 जवानों की शहादत. क्या प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चीन को उसकी हरकत के लिए माकूल जवाब दिया? क्या चीनी उत्पादों पर बैन लगा दिया जाना चाहिए? देश का मिजाज सर्वे में लोग सरकार के जवाब से संतुष्ट हैं?
इंडिया टुडे और कार्वी इनसाइट्स की ओर से आयोजित मूड ऑफ द नेशन (MOTN) सर्वे के जरिए यह जानने की कोशिश की गई क्या मोदी सरकार चीन के साथ हाल के विवादों पर सही तरीके से निपटी. सर्वे में यह बात सामने आई कि चीन को मोदी के जवाब से जनता संतुष्ट है.
चीन को मुंहतोड़ जवाब
सर्वे में 59 फीसदी लोगों ने माना कि भारत ने चीन को मुंहतोड़ तरीके से जवाब दिया है. जबकि 26 फीसदी लोगों का मानना है कि भारत इससे बेहतर कर सकता था. तो वहीं 9 फीसदी मानते हैं कि भारत ने इसे अच्छी तरह से हैंडल नहीं किया. हर 5 में से करीब 3 नागरिकों को लगता है कि भारत ने चीन के साथ हालिया झड़पों को हैंडल करने को लेकर मुंहतोड़ जवाब दिया है.

सर्वे में यह जानने की कोशिश की गई कि क्या मोदी सरकार के पास चीनी हरकत को लेकर तस्वीर साफ है तो 64 फीसदी लोगों का कहना है कि हां सरकार के पास चीनी हरकत को लेकर साफ तस्वीर है. जबकि 25 फीसदी ऐसा नहीं मानते हैं.
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चीनी एप्स पर लगे प्रतिबंध
सर्वे के जरिए 57 फीसदी लोगों ने माना कि चीन के साथ सीमा विवाद का समाधान डिप्लोमैसी या बातचीत के जरिए किया जा सकता है. हालांकि 20 फीसदी लोगों का कहना है कि युद्ध करने से समाधान होगा. जबकि 17 फीसदी मानते हैं कि आर्थिक युद्ध या प्रतिबंध लगा दिया जाना चाहिए.
देश का मिजाज सर्वे में 82 फीसदी लोगों का मानना है कि चीनी उत्पाद और मोबाइल एप्स पर प्रतिबंध लगा दिया जाना चाहिए. महज 14 फीसदी लोग कहते हैं कि ऐसा करना जरूरी नहीं है.
अर्थव्यवस्था पर सरकार का प्रदर्शन 'अच्छा'
देश का मिजाज सर्वे में अर्थव्यवस्था को लेकर मोदी सरकार के प्रदर्शन पर राय जानने की कोशिश की गई. सर्वे में 46 फीसदी लोग इसे अच्छा मानते हैं तो 20 फीसदी लोग बेहतरीन करार देते हैं. हालांकि 21 फीसदी लोगों की राय है कि यह औसत रहा है. 10 फीसदी लोग इसे खराब करार देते हैं.

कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों के प्रदर्शन के बीच यह सर्वे कराया गया है. सर्वे के जरिए यह भी जानने की कोशिश की गई कि मोदी सरकार की ओर से लागू किए गए कृषि कानून के बारे में क्या राय है. 34 फीसदी लोग मानते हैं कि ये कानून किसानों की मदद करेंगे तो 32 फीसदी लोगों का मानना है कि सिर्फ कॉरपोरेट की मदद करेंगे. 25 फीसदी लोगों की राय है कि ये कानून दोनों पक्षों की मदद करेंगे.

आजतक/इंडिया टुडे ने देश का मिजाज यानी मूड ऑफ द नेशन (MOTN) पोल मार्केट रिसर्च एजेंसी कार्वी इनसाइट्स के साथ मिलकर किया. लोगों की राय 3 जनवरी से 13 जनवरी, 2021 के बीच ली गई. सर्वे में 12,232 लोगों को शामिल किया गया. इसमें ग्रामीण क्षेत्रों के 67 फीसदी और शहरी क्षेत्रों के 33 फीसदी लोग शामिल किए गए थे. 19 राज्यों में 97 संसदीय क्षेत्र और 194 विधानसभा क्षेत्र में ये सर्वे किए गए.